भगवान विष्णु को समर्पित अक्षय तृतीया का महापर्व आज बैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जा रहा है। इस साल अक्षय तृतीया पर रवि योग और रोहिणी नक्षत्र का अद्भुत संयोग बन रहा है, जिससे इस दिन किए गए गंगा स्नान, जप, तप, हवन और दान का फल बहुत अधिक बढ़ जाता है। साथ ही इस दिन सूर्य, शुक्र और चंद्र अपनी उच्च राशि में गोचर करेंगे। इस दिन बिना मुहूर्त विचार किए हुए नए काम की शुरुआत उन्नतिकारक होती है।
Akshaya Tritiya 2019 : आज भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना मां लक्ष्मी हो जाएंगी नाराज
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पंडित सुशांत राज ने बताया कि अक्षय तृतीया पर रवि योग और रोहिणी नक्षत्र की दुर्लभ जोड़ी के साथ ही सूर्य, शुक्र और चंद्र अपनी उच्च राशि में गोचर करेंगे। लक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त सुबह सूर्योदय से शुरू होकर दोपहर 12.17 बजे तक रहेगा। वेद-पुराणों के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कर्म किए जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है। इसी कारण इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है।
इस दिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। अक्षय तृतीया के दिन किसी पर क्रोध न करें। अगर इस दिन कोई व्यक्ति अपने मन में दूसरों के लिए बुरे भाव रखता है तो मां लक्ष्मी उसके पास कभी नही ठहरतीं।