रेकी के डेढ़ साल बाद रेसकोर्स में अधिवक्ता के घर लूट को अंजाम दिया गया था। वारदात का पर्दाफाश कर पुलिस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लूटी गई विदेशी घड़ियां और रिवाल्वर बरामद हुआ है। इसके अलावा एक सरकारी पिस्तौल, एक देसी तमंचा और छह कारतूस भी मिले हैं।
Dehradun: डेढ़ साल पहले बनाया प्लान, फिर अधिवक्ता के घर लूट को दिया अंजाम, बोला शातिर- पैसे पर था इसे घमंड
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डेढ़ साल पहले ऐसे बनाया था प्लान
सुशील ने पुलिस को बताया कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में वह कई वारदात को अंजाम दे चुका है। वह बीए पास है। डेढ़ साल पहले अपने दोस्त जितेंद्र के पास आया था। जितेंद्र अधिवक्ता के घर के पास ही एक ऑफिस में काम करता है। उसके साथ दीपक भी रहता था। दीपक देहरादून के एक कॉलेज से पढ़ाई कर चुका है। जितेंद्र एक दिन किसी बात को लेकर अधिवक्ता से झगड़ रहा था।
इस पर उसने पूछा तो दीपक ने बताया कि अधिवक्ता अकेले रहते हैं और अपने पैसे पर बहुत घमंड करते हैं। इसके बाद ही सुशील ने लूट की योजना बना ली। इसमें दीपक को भी शामिल कर लिया। इसके बाद कई बार घर की रेकी करने आए। 27 नवंबर को सुशील अन्य चार बदमाशों को लेकर देहरादून आ रहा था कि खतौली में उनकी कार का टायर पंचर हो गया। ऐसे में उसने अमृत और दीपक को भेज दिया। बस से देहरादून आईएसबीटी और रात में ऑटो लेकर अधिवक्ता के घर पहुंचे। यहां 28 नवंबर को तड़के लूट को अंजाम दिया।
गुमराह करने के लिए ले गए थे कार
बदमाशों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अधिवक्ता की कार लूटी थी। शहर के कई सीसीटीवी में इसकी फुटेज आई तो पुलिस पीछा करते हुए मेरठ जा पहुंची। यहां पता चला कि कार हरियाणा की तरफ गई। हरियाणा के सोनीपत से पुलिस ने कार को बरामद कर लिया। पूछताछ में बदमाशों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने हरियाणा में कार इसलिए छोड़ी ताकि लगे कि वे हरियाणा से आए थे।
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वॉकी-टॉकी से करते हैं बात
सुशील का गिरोह मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता। आपस में बातचीत के लिए कम रेंज वाले वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करते हैं। जरूरत पर इंटरनेट कॉलिंग करते हैं। ज्यादा से ज्यादा सीसीटीवी से बचने का भी प्रयास करते हैं। उन्होंने कार किसी भी टोल प्लाजा से नहीं गुजारी।