700 मीटर की सड़क, सड़क में 400 गड्ढे, गुजरने में लगने का वक्त 30 मिनट और साथ में चोट का खतरा। यह है नेशनल हाईवे का हाल। प्रेमनगर में हाईवे इस कदर टूटा हुआ है कि रोजाना यहां औसतन पांच हादसे हो रहे हैं।
700 मीटर सड़क पर 400 गड्ढे, बरसात में सफर करना बेहद जोखिम भरा, तस्वीरों में देखें बेहाल नेशनल हाईवे
रोजाना गुजरने वालों को यह सड़क बीमार बना रही है तो पहली बार आने वालों को यह गड्ढे मुसीबत से कम नहीं लगते। रविवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत जब नंदा की चौकी स्थित होटल में भोलेजी महाराज के जन्मोत्सव में शिरकत करने जा रहे थे तो उनकी फ्लीट भी इन गड्ढों से जूझते हुए काफी देर में आगे बढ़ पाई।
सोमवार को सुबह से प्रेमनगर में लंबा जाम लग गया। प्रेमनगर बाजार से लेकर उत्तरांचल विवि से थोड़ा पहले तक यह जाम सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों की वजह से लगा। अमर उजाला की टीम ने जब गड्ढों की गिनती की तो करीब 700 मीटर की इस सड़क पर 400 से ज्यादा गड्ढे मिले। कई गड्ढे तो इतने जानलेवा बन गए हैं कि अचानक थोड़ी की रफ्तार का वाहन भी इनमें गिर गया तो चोट लगनी तय है। यहां गुजरने वाले लोगों में इस बात की नाराजगी है कि एक तो वह जानलेवा रास्ते से गुजर रहे हैं और दूसरे उनका समय खराब हो रहा है।
आधा-आधा घंटे तक जाम में फंसे होने की वजह से छात्रों की क्लास छूट जाती है। प्रेमनगर के स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रेमनगर से लॉ कॉलेज तक सड़क पर हुए गड्ढों को कुछ दिन पहले मिट्टी से भरा गया था। लेकिन तेज बारिश के बहाव से मिट्टी के बह जाने से गड्ढे और भी घातक हो गए। सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए बार फिर गड्ढों को ईंट से भरा जा रहा है। ताकि बरसाती पानी के तेज बहाव से गड्ढे होने की संभावना कम हो। रविवार को जब सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की फ्लीट पर गड्ढों से जूझते हुए आगे बढ़ी।
प्रेमनगर स्थित मिट्ठी बेहरी के पास नहर चोक होने के चलते सड़क पर बहता पानी आफत बना हुआ है। पानी से सड़कों पर हुए गड्ढों का अंदाजा नहीं लगाया जा रहा है। जिससे हादसा होने के संभावना और भी अधिक बनी रहती है। सड़क पर चलने वाले वाहनों को ही नहीं बल्कि राहगीरों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार तो दोपहिया वाहन चालक किसी बड़े हादसे का शिकार होने से बच भी गए। नहर चोक होने से सड़क पर बहते पानी ने आधी से ज्यादा सड़क पर कब्जा किया हुआ है।