निदाहास ट्रॉफी 2018 का फाइनल क्रिकेट फैंस को लंबे समय तब याद रहेगा क्योंकि दिनेश कार्तिक ने अंतिम गेंद पर छक्का जमाकर टीम इंडिया को खिताबी जीत दिलाई थी। यह मुकाबला बेहद उतार-चढ़ाव भरा था, जिसमें कभी मैच टीम इंडिया की तरफ तो कभी बांग्लादेश की तरफ मुड़ता दिख रहा था।
दिनेश कार्तिक ने केवल 9 गेंदों में नाबाद 22 रन बनाकर टीम इंडिया की जीत पर मुहर लगाई। हालांकि, वह बल्लेबाजी पर जाने से पहले काफी गुस्से में थे। यही नहीं, दिनेश कार्तिक इतना गुस्सा थे कि उनका चेहरा लाल दिख रहा था। कार्तिक का पूरा गुस्सा निदाहास ट्रॉफी में टीम इंडिया की कप्तानी करने वाले रोहित शर्मा पर था।
दरअसल, रोहित शर्मा ने फाइनल मैच में दिनेश कार्तिक से पहले विजय शंकर को बल्लेबाजी के लिए भेजा था। इस फैसले से दिनेश कार्तिक बहुत नाराज थे। शंकर ने पारी अच्छी भी नहीं खेली और टीम इंडिया के मैच जीतने की उम्मीदों को मझधार में छोड़ दिया। फिर कार्तिक ने उम्दा पारी खेलकर टीम इंडिया को जीत दिलाई।
कप्तान रोहित शर्मा ने एक चैट शो में कार्तिक के गुस्से का खुलासा करते हुए कहा, 'फाइनल मैच में दिनेश अपने बल्लेबाजी क्रम से खुश नहीं थे। वह दक्षिण अफ्रीका दौरे के पहले से अच्छा प्रदर्शन करते आ रहे थे। उन्होंने कई अच्छी पारियां खेली, जो हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण थी। इसलिए वह ऊपरीक्रम में बल्लेबाजी करना चाहते थे, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला।'
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rohit sharma and dinesh karthik
रोहित ने आगे कहा, 'मैंने पांचवें नंबर पर विजय शंकर को बल्लेबाजी करने के लिए भेजा क्योंकि मेरा मानना था कि बांग्लादेश के पास अंतिम ओवरों के लिए विशेषज्ञ गेंदबाज मौजूद हैं और उनका सामना करने के लिए हमारी टीम में अनुभवी बल्लेबाज का होना जरूरी है। यही वजह थी कि मैंने कार्तिक को ऊपर बल्लेबाजी करने के लिए नहीं भेजा। जब मैं आउट होकर पवेलियन लौट रहा था तो कार्तिक मुझे गुस्से से देख रहे थे।'