टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और हेड कोच रवि शास्त्री के नेतृत्व में फिटनेस स्तर चेक करने के लिए यो-यो टेस्ट भले ही सबसे जरूरी मापदंड हो, लेकिन एमएस धोनी के नेतृत्व वाली चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए यह जरूरी नहीं है। जी हां, आईपीएल के 12वें संस्करण के लिए सीएसके के खिलाड़ियों के लिए यो-यो टेस्ट पास करना अनिवार्य नहीं है।
चेन्नई सुपरकिंग्स में खिलाड़ियों का फिटनेस लेवल अलग तरह से पता किया जा रहा है। टीम इंडिया के पूर्व ट्रेनर रामजी श्रीनिवासन चेन्नई फ्रेंचाइजी के साथ जुड़े हुए हैं। वह खिलाड़ी की फिटनेस नापने के लिए 2 किमी या 2.4 किमी की दौड़ या फिर लगातार स्प्रिंट टेस्ट पर ध्यान देते हैं।
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dd vs csk
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रामजी ने बताया कि वह ट्रेनिंग और डिजाइन टेस्ट के मद्देनजर खिलाड़ियों की फिटनेस का ध्यान रखते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश खिलाड़ियों को यो-यो टेस्ट का पैरामीटर पता है, इसलिए वह कुछ अलग करने पर ध्यान देते हैं। रामजी ने कहा, 'मैं खिलाड़ियों का फिटनेस स्तर 2 किमी या 2.4 किमी दौड़ से पता करता हूं या फिर स्प्रिंट रिपीट टेस्ट करता हूं। सिर्फ इसलिए कि राष्ट्रीय टीम यो-यो टेस्ट करती है, इसका मतलब यह नहीं कि मुझे भी इसी प्रक्रिया का पालन करने की जरूरत है।'
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सीएसके
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उन्होंने आगे कहा, 'मेरा मानना है कि खिलाड़ियों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए चुनौती तैयार करने की जरूरत है। उदाहरण के लिए जब मैं टीम इंडिया के साथ जुड़ा हुआ था, तब धोनी के लिए जो ट्रेनिंग रिजीम तैयार किया था, वह सचिन तेंदुलकर के समान नहीं था। इसी प्रकार अगर कोहली के लिए कोई ट्रेनिंग प्रोग्राम तैयार किया है और उनका शरीर उसे करने में मदद कर रहा है तो इसका मतलब यह नहीं कि एमएस धोनी को भी यही करना होगा। यो-यो टेस्ट फुटबॉल जैसे एरोबिक खेलों के लिए अच्छा हैं, जहां से इसकी शुरुआत हुई।'
रामजी ने आगे कहा, 'फिटनेस बहुत जरूरी है और इसमें विशेष ध्यान रखना होता है कि सिर्फ एंड्युरेंस को प्राथमिकता न दी जाए बल्कि पूरी फिटनेस स्तर का ख्याल रखा जाए। वैसे, सारणी बनाना बेहद जरूरी है, जिसमें कई मुद्दों पर ध्यान देना होता है जैसे शक्ति, बल, चुस्ती, धैर्य, लचीलापन आदि।'