मेलबर्न में गुरुवार को खेले गए तीसरे लीग मैच में न्यूजीलैंड को हराते हुए भारत महिला टी-20 विश्व कप 2020 के फाइनल में पहुंच गया। आखिरी गेंद पर न्यूजीलैंड को तीन रन से हराने के बाद भारत ने अपनी जीत की हैट्रिक भी पूरी की। इस जीत का सेहरा भी टीम इंडिया की 16 वर्षीय सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा के सिर बंधा।
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शेफाली वर्मा
- फोटो : ट्विटर
अपना पहला टी-20 विश्व कप खेल रहीं 16 वर्षीय शेफाली ने चार चौके और तीन छक्के की मदद से 34 गेंदों पर 46 रन बनाए। हरियाणा की इस खिलाड़ी को लगातार दूसरे मैच में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। अपने इस प्रदर्शन से खुद शेफाली भी खुश हैं।
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शेफाली वर्मा
- फोटो : ट्विटर
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले मैच में 29 रन और दूसरे मैच में बांग्लादेश के खिलाफ तेज 39 रन ठोकने के बाद शेफाली ने कहा कि उन्हें काफी अच्छा लग रहा है। बकौल शेफाली, 'मैं लगातार ऐसा प्रदर्शन करना चाहती हूं। मैंने ढीली गेंदों का इंतजार किया और उन पर बड़े शॉट खेले।'
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शेफाली वर्मा
- फोटो : सोशल मीडिया
न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत दर्ज करने के बाद उन्होंने कहा कि मैंने अपने करियर की शुरुआत में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलने की खूब प्रैक्टिस की है। मैं अपने पिता और उन तमाम लड़कों का धन्यवाद अदा करना चाहती हूं, जिन्होंने प्रैक्टिस के दौरान मेरी मदद की और मुझे एक बेहतर बल्लेबाज बनाने में सहयोग किया।
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शेफाली वर्मा और हरमनप्रीत कौर
- फोटो : ट्विटर
याद हो कि शेफाली की कहानी बेहद फिल्मी है। हरियाणा के रोहतक की रहने वालीं यह खिलाड़ी अपने पिता का सपना जी रही है। उनके पिता भी क्रिकेटर बनना चाहते थे। शुरुआती कोचिंग के बाद उन्होंने अपनी नन्हीं बिटिया को अकादमी ट्रेनिंग के लिए भेजा, जहां उन्होंने लड़कों के साथ बल्ला पकड़ना सीखा और फिर उन्हीं पर कहर बनकर टूटीं।