टीम इंडिया के सुपरस्टार क्रिकेटर रविंद्र जडेजा 6 दिसंबर को 28 साल के हो गए हैं। टीम इंडिया में सर जडेजा के नाम से मशहूर इस खिलाड़ी ने हालिया टेस्ट टीम में खुद को बतौर स्पिनर स्थापित किया है। जानिए टीम में एक ऑलराउंडर की भूमिका अदा करने वाले जडेजा का नाम ‘सर जडेजा’ क्यों पड़ा:
Bday Spl: तीन तिहरे शतक नहीं, इस वजह से रविंद्र जडेजा बने ‘सर जडेजा’
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रविंद्र जडेजा
- फोटो : ESPN
विकिपीडिया पर एक पेज में रविंद्र जडेजा को ‘लोक कल्याणकारी’, ‘नोबेल पुरुस्कार विजेता’, ‘दो बार लॉरेस स्पोर्ट्समैन ऑफ द ईयर’ और ‘ईश्वर के निकटतम मनुष्य’ बताया गया है। हालांकि यह सब अपने आप में एक अतिश्योक्ति है, जो उनके कद को व्यंगात्मक रूप देती हैं।
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कुछ लोगों का मानना है कि घरेलु क्रिकेट में 3 तिहरे शतक का असंभव काम करने के चलते उन्हें सोशल मीडिया पर सर जडेजा की उपाधि दी गई। हालांकि इस बात से बहुत कम ही लोग इत्तेफाक रखते हैं। उनके ‘सर जडेजा’ बनने की कहनी कुछ और ही है।
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रविंद्र जडेजा
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दरअसल यह बात 2009 टी-20 विश्व की है, जब भारत अपने खिताब को बचाने के लिए मैदान में उतरा था। सुपर-8 के एक मुकाबले में टीम इंडिया वेस्टइंडीज के हाथों हार गई थी। अगले मैच में उसे इंग्लैंड का सामना करना था, जिसने भारत को जीत के लिए 154 रन का लक्ष्य दिया।
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इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने युवराज पर तरजीह देते हुए जडेजा को नंबर चार पर भेजा। इस मैच में जडेजा ने कमाल ही कर दिया। 35 गेंद खेलते हुए जडेजा ने टी-20 मैच में सिर्फ 25 रन बनाए और भारत 3 रन से मैच हार गया।