इसमें कोई संदेह नहीं है कि आधुनिक क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में विराट कोहली सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं। हालांकि, कोहली का करियर विवादों से दूर नहीं रहा है। इसमें सबसे बड़ा 'फिंगरगेट' है, जो 2012 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान हुआ था। कोहली ने एक ग्रुप के सदस्यों को अपने बाएं हाथ की बीच की उंगली दिखाई थी, जो कैमरे में कैद हो गई थी। उस समय कोहली बाउंड्री लाइन पर खड़े थे। इसके बाद जब माइकल क्लार्क ने बाउंड्री लाइन की तरफ शॉट घुमाया तो उसे रोकने के चक्कर में कोहली कैमरामैन से टकरा भी गए।
विराट कोहली ने मैच के बाद ट्विटर पर सफाई दी थी कि दर्शकों ने उन्हें मां और बहन से संबंधित खराब शब्द कहे थे। तब कोहली को आईपीएल के साथी केविन पीटरसन और बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन का समर्थन भी मिला था। कई लोगों ने भारतीय क्रिकेटर का साथ दिया था और कहा कि उन्हें दिल पर यह बात नहीं लेना चाहिए तथा आलोचनाओं को नजरअंदाज करना चाहिए। हालांकि, कोहली ने हाल ही में विज्डन क्रिकेट मंथली को दिए इंटरव्यू में इस घटना से जुड़ा मजेदार पल साझा किया।
कोहली ने कहा, 'एक चीज जो मुझे बहुत अच्छे से याद है कि सिडनी में दर्शकों ने मुझे बहुत खरी-खोटी सुनाई थी। उन्होंने मेरे परिवार के बारे में अपशब्द कहे, जिससे मुझे गुस्सा आया और मैंने अपनी बीच की उंगली दिखा दी। यह करने पर मुझे नहीं लगा कि कुछ गलत किया। मैं अपनी मस्ती में था। अगले दिन मुझे मैच रेफरी रंजन मदुगले ने अपने कमरे में बुलाया और मैं सोच रहा था कि क्या गलत हुआ? उन्होंने कहा, 'कल बाउंड्री लाइन पर क्या हुआ था? मैंने कहा, 'कुछ नहीं'।'
29 वर्षीय कोहली ने आगे कहा, 'मैच रेफरी ने मेरे सामने अखबार फेंका, जहां मेरी बड़ी सी फोटो पहले पन्ने पर थी। मैं उसमें कह रहा हूं, 'मुझे माफ कर दो! कृपया मुझे बैन न करना! मैं इस पर गुस्सा हुआ। मगर रंजन अच्छे व्यक्ति हैं। उन्होंने समझा कि मैं युवा हूं और ऐसी चीजें हो जाती हैं।' वैसे, टीम इंडिया के कप्तान को आक्रामक जश्न मनाने और बल्लेबाज को मैदान से अनोखे अंदाज में बाहर भेजने के लिए भी जाना जाता है।
कोहली को पसंद है कि वह विरोधी टीम पर हावी होकर खेले। इस मामले पर विराट ने कहा कि उन्हें गर्व है कि मैदान पर उन्होंने अपने आक्रामक व्यव्हार में बदलाव नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह किसी के लिए या किसी के कहने पर कभी नहीं बदलना चाहते। वह ऐसा करके खुश हैं। कोहली ने कहा, 'मैं जब युवा था तो जो करता था, उस पर काफी हंसता भी हूं। मुझे गर्व है कि मैंने अपने तरीके नहीं बदले क्योंकि मैं हमेशा वैसा रहा जो हूं। मैं दुनिया में किसी को दिखाने के लिए बदल नहीं सकता। मैं जैसा हूं, उससे खुश हूं।'