'सफेद जर्सी से विदा, यादों से नहीं..': शमी ने टेस्ट को कहा अलविदा, भावुक कर देने वाले पोस्ट में कही दिल की बात
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का एलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए अपने टेस्ट करियर को जिंदगी का खास हिस्सा बताया। शमी ने टीम के साथियों, कोच, परिवार, प्रशंसकों, बीसीसीआई और बंगाल क्रिकेट संघ का आभार जताया।
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भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का एलान किया है। शमी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा कर अपने टेस्ट करियर को अलविदा कहा। उन्होंने कहा कि सफेद जर्सी से विदा जरूर ले रहे हैं, लेकिन उससे जुड़ी यादों से कभी नहीं। शमी ने अपने टेस्ट करियर को जिंदगी का बेहद खास हिस्सा बताया और इस सफर में साथ देने वाले सभी लोगों का आभार जताया। हालांकि, वह व्हाइट बॉल क्रिकेट यानी वनडे और टी20 खेलना जारी रखेंगे।
36 वर्षीय शमी ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा कर अपने टेस्ट करियर पर विराम लगाया। नई और पुरानी दोनों गेंदों से स्विंग और सीम मूवमेंट हासिल करने की क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले शमी ने भारत के लिए 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट लिए। इस दौरान उन्होंने छह बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा किया।
'सफेद जर्सी से विदा ले रहा हूं, लेकिन यादों से कभी नहीं'
शमी ने अपने संदेश में लिखा, 'मैं सफेद जर्सी से विदा ले रहा हूं, लेकिन उससे जुड़ी यादों से कभी नहीं। जब पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब सिर्फ एक सपना था- अपने देश के लिए कुछ करके दिखाना।' उन्होंने आगे कहा, 'उसके बाद हर विकेट, हर संघर्ष, हर चोट और हर वापसी ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया। टेस्ट क्रिकेट मेरे लिए सिर्फ एक प्रारूप नहीं, बल्कि मेरी जिंदगी का बेहद खास हिस्सा रहा है।'
शमी ने अपने टेस्ट करियर के दौरान साथ देने वाले साथियों, कोच, परिवार और प्रशंसकों का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा, 'आज भारी दिल और अनगिनत खूबसूरत यादों के साथ मैं टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कर रहा हूं। इस सफर में मेरा साथ देने वाली हर टीम, कोच, परिवार और उन करोड़ों भारतीयों का दिल से शुक्रिया, जिन्होंने अच्छे और मुश्किल दोनों वक्त में मुझ पर भरोसा बनाए रखा।'
बीसीसीआई और बंगाल क्रिकेट संघ को भी कहा धन्यवाद
भारतीय तेज गेंदबाज ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) का भी विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि इन दोनों संस्थाओं ने उनकी प्रतिभा पर भरोसा किया, उन्हें आगे बढ़ने के मौके दिए और उनके क्रिकेट सफर में अहम भूमिका निभाई। शमी ने लिखा, 'आपका साथ और विश्वास मेरे लिए हमेशा खास रहेगा।'
शमी ने अपने संदेश का अंत बेहद भावुक अंदाज में किया। उन्होंने कहा कि भले ही मैदान पर उनकी आखिरी टेस्ट गेंद फेंकी जा चुकी हो, लेकिन भारत के लिए खेलने का गर्व हमेशा उनके दिल में जिंदा रहेगा। उन्होंने लिखा, 'मैदान पर मेरी आखिरी टेस्ट गेंद भले ही फेंकी जा चुकी हो, लेकिन भारत के लिए खेलने का गर्व हमेशा मेरे दिल में जिंदा रहेगा। शुक्रिया, टेस्ट क्रिकेट।'
शमी ने 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने जल्द ही भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण में अपनी जगह पक्की कर ली। मुश्किल परिस्थितियों में गेंदबाजी करने की उनकी क्षमता ने उन्हें विदेशी दौरों पर भी टीम के लिए बेहद अहम बना दिया। भारत, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज में खेले गए 35 टेस्ट मैचों में शमी ने 131 विकेट हासिल किए। इन मुकाबलों में उनका गेंदबाजी औसत 25 से कम रहा।
दक्षिण अफ्रीका उन जगहों में शामिल रहा, जहां शमी ने अपने करियर के कुछ यादगार प्रदर्शन किए। 2018 में भारतीय टीम के दक्षिण अफ्रीका दौरे पर उन्होंने जोहानिसबर्ग टेस्ट की दूसरी पारी में 28 रन देकर पांच विकेट झटके थे। उनके इस प्रदर्शन की मदद से भारत ने मुकाबला जीता था। अगले दौरे पर भी शमी का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। सेंचुरियन में खेले गए पहले टेस्ट में उन्होंने आठ विकेट हासिल किए। भारत ने इस मुकाबले में एक और यादगार जीत दर्ज की थी।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल था आखिरी टेस्ट
शमी ने अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में खेला था। उनके करियर के अलग-अलग चरणों में चोटों ने बाधा पहुंचाई, लेकिन गेंद से उनका योगदान भारतीय टीम की सफलताओं का अहम हिस्सा बना रहा।