टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इन दिनों अपने प्रदर्शन को लेकर काफी जूझ रहे हैं। एक तरफ जहां उन्हें 2019 विश्व कप में खिलाने की बातें की जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी बल्लेबाजी लगातार सवालों के घेरे में हैं। अब टीम इंडिया के पूर्व कोच और पूर्व कप्तान अनिल कुंबले का मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी का बल्ला अब पहले की तरह आग नहीं उगलता।
कुंबले ने कहा, 'टीम इंडिया को उनसे मैच फिनिशिंग की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए।' हालांकि कुंबले ने धोनी की वकालत करते हुए कहा कि उनके पास अनुभव की कमी नहीं है, इसलिए उन्हें विश्व कप तक टीम का हिस्सा जरूर बने रहना चाहिए।
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अनिल कुुंबले
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जम्बो के नाम से प्रसिद्ध लेग स्पिनर ने महेंद्र सिंह धोनी की फॉर्म पर सवाल उठाते हुए कहा कि धोनी अब उस अंदाज में नहीं खेलते जिसके लिए वह जाने जाते थे। धोनी की अपनी कमियां पहचाननी होंगी और उन पर काम करना होगा, तभी वह खुद को साबित कर पाएंगे।
स्टार स्पोर्ट्स के ही एक कार्यक्रम में इस पूर्व दिग्गज ने धोनी के खेल पर भी अपनी राय रखी। उनके मुताबिक धोनी की खराब फॉर्म के चलते टीम इंडिया का मिडल ऑर्डर इन दिनों संतुलित नहीं दिख रहा। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि पहले यह काम माही बखूबी करते थे, लेकिन हाल की कुछ सीरीज को देखें, तो वह ऐसा में नाकाम रहे हैं।
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अनिल कुंबले
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इसके अलावा जंबो ने कहा, 'टीम इंडिया को चाहिए कि अब वह धोनी पर बहुत अधिक निर्भर न रहे और मिडल ऑर्डर को संभालने की जिम्मेदारी दूसरे खिलाड़ियों पर डाले। माही अब पहले जैसे गेम फिनिशर नहीं रहे हैं।' कुंबले ने यहां इस बात पर भी जोर दिया कि धोनी बतौर विकेटकीपर खिलाड़ी इस टीम में वर्ल्ड कप तक बने रहने चाहिए। बतौर विकेटकीपर वह हर मैच में खुद को साबित कर रहे हैं।
बता दें एशिया कप के दौरान धोनी ने 3 पारियों में कुल 77 रन बनाए और यहां उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 36 रहा। धोनी ने 36 रन की यह पारी फाइनल मैच में बांग्लादेश के खिलाफ खेली। इससे पहले धोनी इंग्लैंड दौरे पर भी सीमित ओवरों की सीरीज में अपने बल्ले से कुछ खास प्रभावित नहीं कर पाए थे।