चेन्नई के बल्लेबाज सुरेश रैना ने कहा कि एमएस धोनी की मौजूदगी भर से विरोधी टीमों पर दबाव बन जाता है और धोनी के संन्यास लेने के बाद उनकी कमी पूरी करना मुश्किल होगा। धोनी ने इस सत्र में बीमार होने के कारण चेन्नई के लिए दो मैच नहीं खेले। मुंबई और हैदराबाद के खिलाफ दोनों मैचों में चेन्नई को पराजय झेलनी पड़ी।
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बतौर बल्लेबाज उनके नहीं होने से मुश्किल होती है
पिछले मैच में दिल्ली के खिलाफ धोनी ने 22 गेंद में नाबाद 44 रन बनाए जिसकी मदद से चेन्नई ने 80 रन से जीत दर्ज की। यह पूछने पर कि धोनी की गैर मौजूदगी में कप्तानी करना कितना मुश्किल था, रैना ने कहा कि धोनी को बतौर कप्तान खोना कोई मसला नहीं है लेकिन बतौर बल्लेबाज उनके नहीं होने से मुश्किल होती है।
धोनी क्रीज पर होते हैं तो विरोधी टीमें वैसे ही दबाव में आ जाती है
हैदराबाद और मुंबई के खिलाफ यही हुआ। उन्होंने कहा कि वह क्रीज पर होते हैं तो विरोधी टीमें वैसे ही दबाव में आ जाती है। वह नहीं होते हैं तो फर्क हम सभी ने देखा। उन्होंने संकेत दिए कि धोनी के नहीं रहने पर वह कप्तानी की बागडोर संभाल सकते हैं। रैना ने कहा कि पिछले कुछ साल में बतौर बल्लेबाज और टीम मेंटर के रूप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है। उनके संन्यास लेने पर शायद मैं कप्तानी कर सकता हूं लेकिन जब तक वह चाहें चेन्नई के लिए खेलते रहेंगे। आप उन्हें और चेन्नई को जानते हैं।
टेनिस बॉल क्रिकेट से मिली कीपिंग में मदद
महेंद्र सिंह धोनी विकेट के पीछे अपनी चपलता के लिए जाने जाते हैं। बिजली की सी गति से स्टंप कर देना उनकी खूबियों में शामिल है। माही का कहना है कि यह कौशल टेनिस बॉल क्रिकेट के कारण विकसित हुआ है। साथ ही उनका मानना है कि आपका आधारभूत चीजों से जुड़े रहना भी जरूरी है।
डेथ ओवरों के मास्टर माही
धोनी डेथ ओवरों के विध्वंसक बल्लेबाजों में शामिल हैं। दिल्ली के खिलाफ चेन्नई शुरुआत में संघर्ष कर रही थी लेकिन कप्तान ने 22 गेंदों में 44 रन की पारी खेली जिसमें बीसवें ओवर की अंतिम दो गेंदों पर लगाए गए दो छक्के भी शामिल थे।