दुबई में आयोजित टी-20 वर्ल्डकप में भारतीय टीम का प्रदर्शन बहुत निराशाजनक रहा, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने पहली बार टी-20 वर्ल्डकप की जीत का स्वाद चखा। अब लगभग 11 महीने बाद ऑस्ट्रेलिया में फिर से वर्ल्डकप का आयोजन होना है। कंगारू टीम फिर से जीत हासिल करके टी-20 वर्ल्डकप में भी अपना दबदबा बनाना चाहेगी। यहां हम ऑस्ट्रेलिया की जीत से लेकर बटलर के शतक तक इस वर्ल्डकप के खास लम्हों के बारे में बता रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया का जूते वाला जश्न
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जूते से शराब पीते ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी
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इस वर्ल्डकप में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहली बार टी-20 का खिताब अपने नाम किया। उन्होंने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराया और सबसे छोटे फॉर्मेट में भी अपना जलवा दिखाया। वनडे वर्ल्डकप में दबदबा बनाने के बाद कंगारुओं ने जब टी-20 विश्वकप जीता तो उन्होंने अगल ही अंदाज में इसका जश्न मनाया। विकेट कीपर वेड से लेकर स्टोइनिश और फिंच जैसे खिलाड़ियों ने जूते में शराब डालकर पी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल ऑस्ट्रेलिया में शोई जश्न मनाने का एक तरीका है, जिसमें जूते में शराब डालकर पी जाती है।
कर्टिस कैम्फर के चार विकेट
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कर्टिस कैम्फर
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क्वालीफायर मैच के दौरान आयरलैंड के कर्टिस कैम्फर ने चार गेंदों में चार विकेट अपने नाम किए थे। वो तीसरे गेंदबाज हैं, जिन्होंने टी-20 क्रिकेट में लगातार चार गेंदों में चार विकेट लिए हैं। उनसे पहले राशिद खान और लसिथ मलिंगा यह कारनामा कर चुके हैं। हालांकि कैम्फर टी-20 वर्ल्डकप में यह कीर्तिमान रचने वाले पहले खिलाड़ी हैं। उनके चार विकेटों की बदौलत आयरलैंड ने नीदरलैंड को सात विकेट से हरा दिया था।
क्विंटन डिकॉक की बगावत
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क्विंटन डिकॉक
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इस वर्ल्डकप में सभी टीमें नस्लवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाने के लिए मैच से पहले एक खास इशारा कर रह थीं और सभी खिलाड़ी एक घुटने पर बैठकर नस्लवाद के खिलाफ एकजुटता का प्रदर्शन करते थे। इस बीच दक्षिण अफ्रीका के विकेटकीपर क्विंडन डिकॉक ने ऐसा करने से मना कर दिया और एक मैच में उन्हें टीम से बाहर भी रहना पड़ा। इसके बाद कप्तान बावुमा और टीम स्टाफ के साथ बातचीत के बाद डिकॉक एक घुटने पर बैठने के लिए राजी हुए। इस घटना पर भी काफी बवाल हुआ था।
कॉन्वे की बेवकूफी
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डेवोन कॉन्वे
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इस वर्ल्डकप में न्यूजीलैंड के डेवोन कॉन्वे ने काफी अच्छी बल्लेबाजी की थी और स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ आसानी से रन बनाए थे। सेमीफाइनल मैच में भी उन्होंने काफी अहम पारी खेली थी, लेकिन आउट होने के बाद उन्होंने अपना बल्ला खुद के ही दाहिने हाथ में मार लिया। इसके बाद उन्हें दर्द हुआ और स्कैन कराने के बाद पता चला कि उनका हाथ टूट चुका है। इसके बाद वो फाइनल मैच और भारत के खिलाफ होने वाली सीरीज से भी बाहर हो गए। अगर कॉन्वे न्यूजीलैंड के लिए खेलते तो जाम्पा के खिलाफ बड़े शॉट लगाकर स्कोर को और ऊपर ले जा सकते थे।