भारतीय टीम अभी श्रीलंका दौरे पर हैं जहां अगले सप्ताह वो तीन मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट खेलेगी। रवि शास्त्री को टीम इंडिया का नया कोच बनाया गया है और उनके रहते टीम के आक्रामक होने की पूरी उम्मीद है। एक बात साफ है कि युवा भारतीय टीम अपने नए कोच के कार्यकाल में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए अपना पूरा जोर लगाते दिखेगी।
शास्त्री ने किया खुलासा, किस योजना के साथ श्रीलंका के खिलाफ खेलेगी टीम इंडिया
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भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री की जोड़ी ने पहले काफी अच्छे नतीजे दिए हैं। तब शास्त्री बतौर टीम निदेशक काम कर रहे थे और विराट कोहली के साथ उन्होंने टीम को अलग स्तर पर पहुंचाया था। एक इंटरव्यू में शास्त्री ने स्पष्ट कहा कि एक बार भारतीय क्रिकेटर मैदान के अंदर गए तो फिर वो उनका डोमेन होगा और कोच का काम अपने खिलाड़ियों पर भरोसा करने का रहेगा।
श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट से पूर्व शास्त्री ने टीम इंडिया की तैयारियों के बारे में कहा, 'उन्हें (भारतीय क्रिकेटरों को) अपनी जिम्मेदारी पता है। वो पेशेवर क्रिकेटर्स हैं। एक बार वो मैदान के अंदर गए तो फिर वहां अपने हिसाब से खेलेंगे। इस तरह ही हम खेलना पसंद करेंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'श्रीलंका की टीम को हम हलके में नहीं लेंगे और अपना सर्वश्रेष्ठ खेल खेलेंगे।'
हेड कोच के रूप में अपने पहले दौरे पर गए शास्त्री ने बताया कि भारतीय टीम निडर होकर अपना खेला खेलेगी। उन्होंने कहा, 'मेरा काम खिलाड़ियों को सकारात्मक रखना है। वो मैदान के अंदर जाकर अपने आप को अभिव्यक्त करें और निडर होकर खेले। यही हमारे खेलने का स्टाइल होगा और हमारा लक्ष्य जीत हासिल करने का होगा।' शास्त्री श्रीलंका को घरेलू जमीन पर खतरनाक टीम मानते हैं। उन्होंने कहा, 'अपने घर में श्रीलंका जैसा रिकॉर्ड शायद ही किसी टीम का होगा। हम सीरीज में सुधार करना चाहेंगे वरना खेलने का कोई मतलब नहीं है। आप जब भी खेले तब अपना सर्वश्रेष्ठ खेलने की कोशिश करें। यही हमारा मंत्र रहता है।'
रवि शास्त्री का श्रीलंका से काफी लगाव है, जिसकी शुरुआत करीब चार दशक पहले हुई थी। 18 साल की उम्र श्रीलंका के दौरे पर जाने वाले शास्त्री 40 साल बाद बतौर हेड कोच वहां गए हैं। उनकी वहां से काफी यादें जुड़ी हुई हैं। शास्त्री ने बताया, 'मेरे पासपोर्ट पर पहला स्टाम्प श्रीलंका का ही लगा था। मैं यहां जब पहली बार आया तब मेरी उम्र 18 साल की थी। 1994 में बतौर कमेंटेटर भी शास्त्री ने श्रीलंका से ही शुरुआत की और अब हेड कोच के रूप में मेरा पहला असाइनमेंट भी श्रीलंका ही है। ये जगह मेरे लिए खास है।'