बतौर कप्तान हरमनप्रीत कौर का रिकॉर्ड कैसा?: 14 साल लंबा रहा सफर; एक बार विश्व कप और दो एशियाड गोल्ड दिलाए
हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी में करीब 14 साल का लंबा सफर तय किया। इस दौरान उन्होंने टीम को विश्व कप जीत दिलाई और एशियन गेम्स में लगातार दो स्वर्ण पदक जिताए। अब तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने के बाद उनके कप्तानी करियर पर नजर डालते हैं।
विस्तार
हरमनप्रीत की कप्तानी में सात बड़े खिताब/पदक
| प्रतियोगिता | खिताब/पदक | उपलब्धि |
|---|---|---|
| महिला वनडे विश्व कप | 1 खिताब | 2025 में भारत को पहला वैश्विक आईसीसी खिताब दिलाया
फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराया |
| महिला एशिया कप | 3 खिताब | 2016, 2022 और 2026 में खिताब
एशिया कप इतिहास की सबसे सफल कप्तान |
| एशियन गेम्स | 2 स्वर्ण पदक | 2023 हांगझोउ और 2026 में भारत को
लगातार दो स्वर्ण पदक दिलाए |
| कॉमनवेल्थ गेम्स | 1 रजत पदक | 2022 में भारत को रजत पदक दिलाया |
हरमनप्रीत कौर ने पहली बार कब संभाला था पद
हरमनप्रीत ने टी20 में पहली बार भारतीय टीम की कप्तानी 2012 में, वनडे में 2013 में और टेस्ट में 2023 में की थी। हालांकि, वनडे और टी20 में शुरू में वह अस्थाई कप्तान थीं, क्योंकि मिताली राज नियमित कप्तान थीं। 2016 में वह टी20 की, 2022 में वह वनडे की स्थाई कप्तान बनीं।
2023 में टेस्ट में कप्तान बनने के साथ ही वह भारत की ऑल फॉर्मेट कप्तान बन गई थीं। 2012 में महिला एशिया कप टी20 के दौरान वह कप्तान हीं थीं। मिताली राज कप्तान थीं और झूलन गोस्वामी उपकप्तान थीं। हालांकि, फाइनल में दोनों ही चोटिल हो गई थीं, इस वजह से हरमनप्रीत को फाइनल मैच के लिए स्टैंड इन कैप्टन बनाया गया था।
37 वर्षीय हरमनप्रीत ने भारत की कप्तानी पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में की। यानी उन्होंने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में लंबे समय तक भारतीय टीम का नेतृत्व किया। खास तौर पर टी20 में उनकी कप्तानी का अनुभव काफी बड़ा रहा और उन्होंने कई पीढ़ियों की खिलाड़ियों के साथ टीम की कमान संभाली।
हरमनप्रीत का कप्तान के तौर पर बल्लेबाजी रिकॉर्ड
| फॉर्मेट | मैच | पारी | नाबाद | रन | सर्वोच्च स्कोर | औसत | शतक | अर्धशतक |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| टेस्ट | 5 | 8 | 1 | 266 | 69 | 38.00 | 0 | 2 |
| वनडे | 51 | 48 | 7 | 1804 | 143* | 44.00 | 4 | 10 |
| टी20 | 155 | 141 | 37 | 3416 | 103 | 32.84 | 1 | 16 |
- वनडे की बात करें तो हरमनप्रीत ने पहली बार इस प्रारूप में 2013 में टीम इंडिया की अगुआई की। उनकी अगुआई में भारत ने 51 में से 30 वनडे जीते। 19 में टीम इंडिया को हार मिली और एक मैच और एक मैच बेनतीजा रहा।
- हरमनप्रीत मैच जीतने के मामले में भारत की दूसरी सबसे सफल कप्तान हैं। लिस्ट में मिताली राज टॉप पर हैं।
- मिताली की अगुआई में भारत ने 155 में से 89 मैच जीते। 63 में टीम इंडिया को हार मिली और तीन मैचों का कोई नतीजा नहीं निकला।
- मिताली बतौर कप्तान सबसे ज्यादा वनडे जीतने के मामले में भी ओवरऑल शीर्ष पर हैं। उनके बाद ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान बेलिंडा क्लार्क का नंबर आता है। क्लार्क ने 101 मैचों में कप्तानी की और 83 जीते। 17 मैच में उनकी टीम को हार मिली और एक मैच बेनतीजा रहा।
हरमनप्रीत के कप्तानी करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि विश्व कप जीत रही। उनकी अगुआई में भारत ने पहली बार महिला वनडे विश्वकप का खिताब अपने नाम किया। यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक उपलब्धियों में शामिल रही और हरमनप्रीत का नाम देश की सफल महिला कप्तानों में दर्ज हुआ।
वनडे में सबसे सफल कप्तान (मैच जीतने के मामले में)
| कप्तान | मैच | जीत | हार | टाई | बेनतीजा |
|---|---|---|---|---|---|
| मिताली राज | 155 | 89 | 63 | 0 | 3 |
| बीजे क्लार्क | 101 | 83 | 17 | 0 | 1 |
| सीएम एडवर्ड्स | 117 | 72 | 38 | 0 | 7 |
| एमएम लैनिंग | 78 | 69 | 8 | 1 | 0 |
| एचसी नाइट | 94 | 62 | 29 | 0 | 3 |
| एसडब्ल्यू बेट्स | 79 | 42 | 35 | 0 | 2 |
| एमआर अगुइलेरा | 74 | 39 | 32 | 1 | 2 |
| हरमनप्रीत कौर | 51 | 30 | 19 | 1 | 1 |
| केएल रोल्टन | 43 | 30 | 13 | 0 | 0 |
| डी वान निएकर्क | 50 | 29 | 18 | 2 | 1 |
- हरमप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने 155 टी20 में से 92 मैचों में जीत हासिल की। 57 मैचों में टीम इंडिया को हार मिली। एक मैच टाई रहा और पांच मैच बेनतीजा रहे।
- हरमनप्रीत टी20 में मैच जीतने के हिसाब से सबसे सफल कप्तान हैं। उनके बाद ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लैनिंग का नंबर आता है।
- लैनिंग ने 100 मैचों में कप्तानी की और 76 जीते। 18 में उनकी टीम हारी। एक मैच टाई रहा और पांच मैचों का कोई नतीजा नहीं निकला।
एशियाड में लगातार दो स्वर्ण
हरमनप्रीत ने एशियन गेम्स में भी भारतीय टीम को बड़ी सफलता दिलाई। उनकी कप्तानी में भारत ने लगातार दो बार एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीता। पिछले महीने निशिन में भारतीय टीम ने दूसरी बार एशियाड गोल्ड अपने नाम किया। कप्तान के रूप में यही हरमनप्रीत का आखिरी बड़ा काम भी रहा। इसके अलावा 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में उनकी कप्तानी में भारत रजत पदक भी जीत चुका है।
Repeating a monumental feat 😌🤩 #AsianGames Gold Medal successfully defended 🏅 #TeamIndia https://t.co/VGl2BX37TQ
— BCCI Women (@BCCIWomen) September 22, 2026
उनकी कप्तानी में भारत ने चार बार महिला एशिया कप का खिताब जीता है। वह महिला एशिया कप के इतिहास में सबसे सफल कप्तान हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 2012, 2016, 2022 और 2026 में महिला एशिया कप का खिताब जीता। हालांकि, टी20 विश्वकप जीतने का उनका सपना अधूरा रह गया।
टी20 में सबसे सफल कप्तान (मैच जीतने के मामले में)
| कप्तान | मैच | जीत | हार | टाई | बेनतीजा |
|---|---|---|---|---|---|
| हरमनप्रीत कौर | 155 | 92 | 57 | 1 | 5 |
| मेग लैनिंग | 100 | 76 | 18 | 1 | 5 |
| हीथर नाइट | 96 | 71 | 23 | 1 | 1 |
| चार्लोट एडवर्ड्स | 93 | 68 | 23 | 1 | 1 |
| नत्थाकन चाईवाई | 99 | 67 | 31 | 0 | 1 |
- टेस्ट की बात करें तो हरमनप्रीत की कप्तानी में पांच टेस्ट में से भारत ने चार टेस्ट जीते। एक टेस्ट में टीम इंडिया को हार मिली।
- टेस्ट में ओवरऑल सबसे ज्यादा मैच जीतने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान एलए लार्सन के नाम है।
- उनकी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने 10 में से पांच टेस्ट जीते। वहीं, हरमनप्रीत संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं।
- उनके अलावा ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान एलिसा हीली और इंग्लैंड की पूर्व कप्तान एमई हीडे भी चार टेस्ट जीतकर दूसरे नंबर पर हैं।
टेस्ट में सबसे सफल कप्तान (मैच जीतने के मामले में)
| कप्तान | मैच | जीत | हार | टाई | ड्रॉ |
|---|---|---|---|---|---|
| एलए लार्सन | 10 | 5 | 0 | 0 | 5 |
| एजे हीली | 5 | 4 | 1 | 0 | 0 |
| एमई हाइड | 11 | 4 | 2 | 0 | 5 |
| हरमनप्रीत कौर | 5 | 4 | 1 | 0 | 0 |
अब हरमनप्रीत ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि भारतीय क्रिकेट से उनका रिश्ता खत्म नहीं हुआ है। अपने भावुक संदेश में उन्होंने कहा कि उन्होंने टीम के लिए अपना खून-पसीना, समय और निजी महत्वाकांक्षाएं तक पीछे रखीं। अब वह फिर से खेल के प्यार के लिए मैदान पर उतरना चाहती हैं। कप्तान के रूप में हरमनप्रीत का दौर अब खत्म हो गया है, लेकिन खिलाड़ी के तौर पर उनका सफर जारी रहेगा।