पूर्व कप्तान सलमान बट का दावा है कि शाहिद अफरीदी ने पाकिस्तान टीम में उनकी वापसी रोकी। बट ने 2010 स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण के बाद पांच साल का प्रतिबंध पूरा करके मैदान पर वापसी की और 2016 वर्ल्ड टी20 में चुने जाने के करीब पहुंचे।
बट ने कहा कि भारत में हुए वर्ल्ड टी20 के समय उनकी पाकिस्तान टीम में वापसी हो सकती थी। उन्होंने बताया कि प्रतिबंध पूरा करने के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट खेलना शुरू किया और राष्ट्रीय टीम में वापसी के करीब पहुंचे। मगर अफरीदी ने उनके चयन पर रोक लगा दी।
बट ने जी स्पोर्ट्स शो में कहा, 'मुझे प्रमुख कोच वकार यूनिस और बल्लेबाजी कोच ग्रांट फ्लावर ने एनसीए में बुलाया और नेट्स पर ले जाकर फिटनेस का परीक्षण किया। वकार भाई ने मुझसे पूछा कि मैं पाकिस्तान के लिए दोबारा खेलने को तैयार हूं? मैंने हां कहा।'
34 वर्षीय बट ने कहा कि उनकी वापसी के लगभग सभी द्वार खुले थे, लेकिन तभी कप्तान शाहिद अफरीदी ने वापसी पर रोक लगा दी। बट ने दावा किया, 'मुझे नहीं पता कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। मगर मैंने उनके पास जाकर इस बारे में कोई बातचीत नहीं की। मुझे महसूस नहीं हुआ कि उन्होंने कुछ सही किया। मगर मुझे यह पता है कि वकार और फ्लावर ने मुझे विश्व कप खेलने को कहा और कप्तान अफरीदी ने ऐसा नहीं होने दिया।'
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एमएस धोनी और शाहिद अफरीदी
पाकिस्तान का प्रदर्शन वर्ल्ड टी20 में अच्छा नहीं रहा और इसके चलते अफरीदी व कोच वकार को अपने-अपने पद से इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा। बट ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि व्यक्तिगत खिलाड़ी को बैन से वापसी करने वाले क्रिकेटरों के भाग्य का फैसला करने की इजाजत है।