टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को रविंद्र जडेजा ने कमाल का प्रदर्शन किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगभग एक दशक बिताने के बाद आखिरकार अपना पहला शतक जड़ने में सफल रहे। जडेजा ने इस शानदार शतकीय पारी को अपनी मां को समर्पित किया। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहाः
रविंद्र जडेजा ने यह कहकर मां को समर्पित किया करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय शतक
दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद मीडिया से बातचीत में जडेजा ने कहा, 'मैं ये शतक अपनी मां को समर्पित करूंगा क्योंकि उनकी इच्छा थी कि मैं भारत के लिए खेलूं, लेकिन आज वो नहीं हैं। ये मेरा सर्वश्रेष्ठ है और इससे बड़ा तोहफा मैं किसी को नहीं दे सकता इसलिए मैं ये शतक अपनी मां को समर्पित करूंगा।'
This one's for you mom - @imjadeja #INDvWI pic.twitter.com/cKhwUlJlhU
जडेजा ने इंग्लैंड के खिलाफ 86 और 90 रन बनाए लेकिन वह पिछले 37 टेस्ट और 140 वन-डे में कभी तिहरे अंक तक नहीं पहुंच पाये थे। उन्होंने आखिर अपने घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की और इस पारी को अपनी स्वर्गीय मां को समर्पित किया। जब उन्होंने शतक पूरा किया तब उनके साथ 11वें नंबर के बल्लेबाज मोहम्मद शमी खेल रहे थे, लेकिन उन्होंने खुद पर अतिरिक्त दबाव नहीं बनने दिया।
जडेजा ने कहा, 'यह विशेष है क्योंकि पूर्व में मैं 80 और 90 के पार पहुंचने के बाद आउट हो जाता था। आज मैं चिंतित नहीं था और किसी तरह का ढीला शाट नहीं खेलना चाहता था। मैं उमेश और शमी से बात करता रहा और खुद से कहा कि शतक पूरा होने तक मुझे खेलते रहना है।'
शतक पूरा करने के बाद उन्होंने हमेशा की तरह तलवार की तरह बल्ला हिलाकर इसका जश्न मनाया। पिछले एक महीने में जडेजा ने इंग्लैंड में खेले गये एकमात्र टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन किया तथा वन-डे में भी वापसी की। उन्होंने अपने प्रदर्शन पर संतोष जताया।