भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और मौजूदा कोच राहुल द्रविड़ गुरुवार (11 जनवरी) को 51 साल के हो गए। द्रविड़ इन दिनों टीम इंडिया के साथ है। भारत को अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज खेलनी है। सीरीज का पहला मुकाबला गुरुवार को ही मोहाली में खेला जाएगा। द्रविड़ की कोचिंग में टीम इंडिया विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और वनडे विश्व कप के फाइनल में खेल चुकी है। वह अपने समय के बेहतरीन बल्लेबाजों में रहे हैं। टेस्ट और वनडे दोनों फॉर्मेट में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। खासकर टेस्ट क्रिकेट में द्रविड़ के कई ऐसे रिकॉर्ड हैं जिन्हें तोड़ना मुश्किल है।
सबसे ज्यादा गेंदों का सामना करने का रिकॉर्ड
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राहुल द्रविड़
- फोटो : सोशल मीडिया
अपने पूरे करियर के दौरान द्रविड़ सभी गेंदबाजों के लिए एक बुरे सपने की तरह रहे। यह समझने के लिए कि उन्होंने गेंदबाजों को कितना परेशान किया, आपको बस यह देखने की जरूरत है कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में कितनी गेंदों का सामना किया। द्रविड़ ने अपने टेस्ट करियर में कुल 31,258 गेंदों का सामना किया, जो लगभग 5210 ओवर हैं। टेस्ट क्रिकेट में वह सबसे ज्यादा गेंदों का सामना करने वाले खिलाड़ी हैं। उनके इस रिकॉर्ड को तोड़ना काफी मुश्किल है।
सबसे ज्यादा कैच लेने वाले फील्डर (गैर-विकेटकीपर)
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राहुल द्रविड़
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राहुल द्रविड़ टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले फील्डर (गैर-विकेटकीपर) हैं। उन्होंने अपने करियर में 210 कैच लिए। उनके बाद दूसरे स्थान पर श्रीलंका के महेला जयवर्धने हैं। उन्होंने 205 कैच लिए हैं। सक्रिय खिलाड़ियों में स्टीव स्मिथ उनके करीब हैं। स्मिथ ने टेस्ट में 173 कैच लपके हैं।
सबसे ज्यादा समय तक क्रीज पर टिके
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राहुल द्रविड़
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द्रविड़ के क्रीज पर रहने से भारतीय क्रिकेट प्रशंसक हमेशा राहत महसूस करते थे। वे जानते थे कि द्रविड़ एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो अपना विकेट आसानी से नहीं देंगे। वह गेंदबाजों को कड़ी मेहनत करवाएंगे। द्रविड़ मैराथन पारी खेलने के लिए जाने जाते थे। उनके लिए बल्लेबाजी ध्यान की तरह थी और इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि टेस्ट क्रिकेट इतिहास में क्रीज पर सबसे अधिक मिनट बिताने का विश्व रिकॉर्ड उनके नाम है। उन्होंने बल्लेबाजी करते हुए कुल 44,152 मिनट क्रीज पर बिताए, जो कि क्रिकेट के इतिहास में सर्वोच्च स्कोरर सचिन तेंदुलकर से भी अधिक है।
सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारी करने वाले खिलाड़ी
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राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर
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द्रविड़ के बारे में सबसे अच्छी बात यह थी कि वह खुद रन बनाने के अलावा दूसरों की सफलता में भी योगदान देते थे। बल्लेबाजी के जादूगर को लंबी साझेदारी बनाने की कला में महारत हासिल थी। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारियां निभाने का अनोखा विश्व रिकॉर्ड है। द्रविड़ ने सबसे लंबे प्रारूप में 100 या उससे अधिक रनों की 88 साझेदारियां बनाईं। इस सूची में दूसरे नंबर पर सचिन तेंदुलकर हैं जिन्होंने ऐसी 80 साझेदारियां निभाईं।