पाकिस्तान के खिलाफ 14 साल पहले 148 रन की ताबड़तोड़ पारी खेलते ही एमएस धोनी रातों-रात स्टार बन गए थे। विश्व क्रिकेट को पता लगा गया था कि अब भारतीय टीम में पास एक ऐसा खिलाड़ी आ चुका है, जो नो सिर्फ लंबे बाल रखता है बल्कि उससे कहीं ज्यादा लंबे-लंबे छक्के भी लगाता है।
माही ने 14 साल पहले विशाखापट्टनम के जिस मैदान पर यह धुआंधार पारी खेली थी, अब उसी मैदान पर ही उनके नाम न सिर्फ धीमी बल्लेबाजी का एक शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया बल्कि वे टीम की हार के जिम्मेदार भी ठहराए जा रहे हैं।
दरअसल, रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए पहले टी-20 में भारतीय टीम निर्धारित 20 ओवर्स में 7 विकेट पर 126 रन ही बना सकी। एक वक्त भारतीय 'रनबांकुरे' बडे़ स्कोर की ओर बढ़ रहे थे। मगर पहले विराट (24) और केएल राहुल (50) के आउट होते ही एकबार फिर भारतीय मध्यक्रम की कलई खुल गई।
धोनी जरूर एक छोर पर खड़े रहे। मगर उनके बल्ले से वो शॉट्स नहीं निकले जिससे भारतीय टीम मैच में वापसी कर पाती। माही अंत तक खड़े रहे और दूसरे छोर पर विकेट गिरते रहे। 18वां ओवर फेंकने आए रिचर्ड्सन पर धोनी की बड़े शॉट्स खेलने की कोशिश नाकाम रही और अंत में उन्होंने चौथी बॉल पर सिंगल लेकर युजवेंद्र चहल को स्ट्राइक दे दी। 19वें ओवर में भी स्ट्राइक पर धोनी थे।
20वें ओवर में उन्होंने एक छक्का लगाया, इसे छोड़कर सारे रन सिंगल-डबल्स में ही गिने गए। अंतिम ओवर में धोनी ने 6 गेंद पर एक सिक्स और एक सिंगल की मदद से केवल सात रन बनाए। चार गेंदें उन्होंने खाली जाने दी। वे 37 गेंदों में 29 रन बनाकर नाबाद रहे। धोनी ने यह रन 78.37 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। जिसके बाद वे अंतरराष्ट्रीय टी-20 में भारत की ओर से 30 से ज्यादा गेंद खेलने के बाद सबसे कम स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे पायदान पर आ गए हैं।