बसों में धक्के खा-खाकर आज युवा बल्लेबाज ऋषभ पंत सफलता के मुकाम तक पहुंचे हैं। इनका संघर्ष जानकर आप ऋषभ को सलाम करेंगे।
आईपीएल 2018 में गुरुवार को खेले गए मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने मेजबान दिल्ली डेयरडेविल्स को 9 विकेट से हरा दिया। दिल्ली डेयरडेविल्स मैच हार गई, लेकिन ऋषभ पंत अाईपीएल के इतिहास में व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले शीर्ष भारतीय बल्लेबाज बन गए। पंत ने नाबाद 128 रन बनाए। जी हां, यहां हम बात कर रहे रुड़की के युवा क्रिकेटर ऋषभ पंत की। पंत का जन्म हरिद्वार में हुआ। लेकिन उनका परिवार रुड़की में रहता था।
बताया जाता है कि वे एक क्रिकेट मैच खेलने के लिए रुड़की से दिल्ली बस से सफर करते थे। इसके बाद वे दिल्ली शिफ्ट हुए और शिखर धवन के कोच से ट्रेनिंग लेनी शुरु कर दी। इसके बाद उन्होंने राजस्थान के लिए क्रिकेट खेलना शुरू किया।
17 साल की उम्र तक राजस्थान के लिए उन्होंने अंडर-14 और अंडर-16 लेवल तक क्रिकेट खेला। इसके बाद उन्होंने वहां से टीम छोड़ दी। और वापस दिल्ली का रुख किया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में रणजी डेब्यू किया।
दरअसल, यह सब हम आपको इसलिए बता रहे हैं कि क्योंकि आज वेस्टइंडीज दौरे के लिए इनकी टीम में वापसी हुई है। अप्रैल महीने में आईपीएल-10 के दौरान उनके पिता राजेंद्र पंत की अचानक मौत हो गई थी।