भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में पांच मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मैच खेला जाएगा। टीम इंडिया ने चेन्नई में खेले गए सीरीज के पहले वनडे में ऑस्ट्रेलिया को 26 रन से मात दी। इस मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया चेपॉक में कभी नहीं हारा था। ऑस्ट्रेलिया का कुछ ऐसा ही रिकॉर्ड ईडेन गार्डन्स में भी है। इसी मैदान पर इंग्लैंड को मात देकर ऑस्ट्रेलिया विश्वचैंपियन बना था।
कोलकाता में पहली बार विश्वचैंपियन बने थे कंगारू, जानिए कैसा है टीम इंडिया का रिकॉर्ड
कंगारुओं ने ईडन गार्डन्स ने 2 मैच खेले हैं और दोनों ही मैचों में जीत हासिल की है। इस मैदान उसका सौ प्रतिशत जीत का रिकॉर्ड है। साल 1987 में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को फाइनल में 7 रन से मात दी थी। पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ने डेविड बून से शानदार अर्धशतक(75) की बदौलत 253/5 का स्कोर खड़ा किया था। इसके बाद 254 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड निर्धारित 50 ओवर में केवल 246 रन बना सकी।
कोलकाता में पहली बार विश्वचैंपियन बने थे कंगारू, जानिए कैसा है टीम इंडिया का रिकॉर्ड
3 of 5
माइकल क्लार्क
- फोटो : getty
इसके बाद साल 2003 में ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ इस मैदान पर दूसरा मैच खेला था। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने रिकी पॉन्टिंग की कप्तानी में खेले गए मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 5 विकेट पर 235 रन बनाए थे। डेमियन मार्टीन ने 61 रन की पारी खेली थी। इयान हार्वे की शानदार गेंदबाजी के सामने पूरी टीम इंडिया 4.15 ओर में 198 रन पर ढेर हो गई थी। 37 रन से हार का सामना करना पड़ा था। माइकल क्लार्क को उनके ऑलराउंड खेल के लिए मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया था।
कोलकाता में पहली बार विश्वचैंपियन बने थे कंगारू, जानिए कैसा है टीम इंडिया का रिकॉर्ड
भारत ने इस मैदान पर कुल 20 मैच खेले हैं। जिसमें से 11 में उसे जीत और 8 में हार का सामना करना पड़ा है। जबकि एक मैच बिना किसी परिणाम के समाप्त हो गया। इस मैदान में खेले गए कुल 30 मैचों में से 20 में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीत हासिल की है। जबकि 10 में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम विजयी रही है।
कोलकाता में पहली बार विश्वचैंपियन बने थे कंगारू, जानिए कैसा है टीम इंडिया का रिकॉर्ड
5 of 5
केदार जाधव
- फोटो : getty
इसी साल इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मैच में भारत को पांच रन की करीबी हार का सामना करना पड़ा था। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट पर 321 रन बनाए थे। इसके जवाब में टीम इंडिया 50 ओवर में केवल 9 विकेट पर 316 रन बना सकी थी। केदार जाधव ने शानदार 90 रन की पारी खेली थी उनके आखिरी समय में विकेट गंवाने की वजह से ही टीम इंडिया का ये हाल हुआ था।