इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में पूरी तरह से फेल होने के बाद केएल राहुल ने वनडे सीरीज में जोरदार वापसी की। उन्होंने अपने आलोचकों को अपने बल्ले से करारा जवाब दिया और पहले वनडे में शानदार अर्धशतकीय पारी खेलकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। बावजूद इसके राहुल अपने चयन को लेकर आश्वस्त नहीं हैं।
राहुल ने बताई अपने खराब फॉर्म की वजह: टीम में अपनी जगह को लेकर भी जताई चिंता
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मैच खेलने से अच्छी लय बनी रहती है
दूसरे वनडे की पूर्व संध्या पर राहुल ने पत्रकारों से कहा, 'एक बल्लेबाज होने के नाते मुझे लगता है कि मैच खेलने से मैं अच्छी लय में रहता हूं। मैं क्रीज पर जितना अधिक समय बिताना चाहता था उतना समय मुझे नहीं मिला। मेरे कहने का मतलब यह नहीं है कि यह बात मेरे दिमाग में थी। आप चाहे अभ्यास करो या नेट सत्र में समय बिताओ आपको अच्छी तरह से तैयार रहने का रास्ता खोजना पड़ता है। इस लिहाज से मैंने अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ तैयारी की लेकिन मैच खेलते हुए जो समय बिताया जाता है उसका कोई सानी नहीं।'
टीम में कड़ी प्रतिस्पर्धा
ऋषभ पंत की सीमित ओवरों की टीम में वापसी और ईशान किशन के मौकों का फायदा उठाने के कारण राहुल समझते हैं कि खेल के छोटे प्रारूपों में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद वह टीम में अपना स्थान पक्का नहीं मान सकते हैं।
उन्होंने कहा, 'जब आप इस भारतीय टीम का हिस्सा होते हो तो जानते हो कि प्रतिस्पर्धा वास्तव में कड़ी है और आप कभी अपने स्थान को लेकर सहज होकर नहीं बैठ सकते। आपको हमेशा चुनौती का सामना करना होगा। हमारे देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है और आपको हमेशा अपने खेल पर काम करना होता है। आपको जो भी मौका मिलता है उसका पूरा फायदा उठाना होता है।'
खराब दौर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के करियर का हिस्सा
उन्होंने कहा कि खराब दौर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के करियर का हिस्सा है और वह इसको लेकर परेशान नहीं थे। राहुल ने कहा, 'यह करियर का हिस्सा है और हर कोई इससे गुजरता है। मैंने कुछ भी अलग हटकर नहीं किया और मैं बहुत तनाव में नहीं था। एक खिलाड़ी के रूप में आप निराश हो सकते हैं जैसे कि मैं लंबे समय तक बाहर बैठा रहा।