दुनिया के दिग्गज स्पिनरों में शुमार रविचंद्रन अश्विन ने इंग्लैंड पर भारत की 4-1 की सीरीज जीत में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, उनके लिए यह सीरीज आसान नहीं रही थी। राजकोट में तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन उन्हें अचानक से घर लौटना पड़ा था। तब बीसीसीआई ने ज्यादा जानकारी नहीं दी थी और फैमिली इमरजेंसी का हवाला दिया था। बाद में यह बात सामने आई थी कि अश्विन की मां बेहोश होकर गिर गई थीं और उनकी हालत खराब थी। ऐसे में अश्विन राजकोट टेस्ट को बीच में छोड़कर अचानक वापस लौट गए थे। हालांकि, टेस्ट के चौथे दिन तक सबकुछ सामान्य होने पर अश्विन मैच में वापस लौट आए थे। इसे हेड कोच राहुल द्रविड़ ने पूरी सीरीज का सबसे खास पल बताया था। अब सीरीज खत्म होने के बाद अश्विन ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार उस स्थिति में चेतेश्वर पुजारा और रोहित शर्मा ने उनकी मदद की थी।
2 of 7
अश्विन का परिवार
- फोटो : सोशल मीडिया
37 साल के अश्विन की मां बेहोश होकर गिर गई थीं और उन्हें चेन्नई में आईसीयू में भर्ती कराया गया था। भारतीय स्पिनर ने अपने यूट्यूब चैनल पर उस घटना को याद करते हुए कहा- हम मैच के बाद ड्रेसिंग रूम में गए और फिर अपने अपने कमरे में चले गए। रोहित, मैं और कुछ और खिलाड़ी मैच को लेकर कुछ बात कर रहे थे। तभी मुझे लगा कि मेरे पास मेरे परिवार और पत्नी का आज कॉल नहीं आया। मुझे लगा वह किसी से बात करने या इंटरव्यू देने में व्यस्त होंगे। मैंने पत्नी प्रीति को शाम सात बजे कॉल किया और पूछा कि मां-पापा कॉल का जवाब नहीं दे रहे। प्रीति की आवाज कांप रही थी। उसने मुझसे अकेले में बात करने को कहा। प्रीति ने बताया कि मां के सिर में दर्द था और वह अचानक से बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं।
3 of 7
अश्विन का परिवार
- फोटो : सोशल मीडिया
अश्विन ने बताया- मैं तब स्तब्ध रह गया था। मुझे कुछ सूझ नहीं रहा था। मुझे समझ नहीं आया कि कैसे रिएक्ट करूं या क्या सवाल पूछूं। मैं रो रहा था लेकिन यह देख रहा था कि कोई मुझे रोता हुआ नहीं देखे। मेरे मन में गलत ख्याल आ रहे थे। मैं कुछ सोच नहीं पा रहा था। मैं अपने रूम में पहुंचकर काफी देर तक रोता रहा। तभी मेरे कमरे में फीजियो आए, क्योंकि मैं उनकी कॉल नहीं उठा रहा था। राहुल द्रविड़ और रोहित भी मेरे कमरे में आए और मैंने सिर्फ उनसे यह कहा कि मैं फिलहाल कुछ सोच नहीं पा रहा हूं।
4 of 7
प्रीति, अश्विन और उनके दो बच्चे
- फोटो : सोशल मीडिया
अश्विन ने कहा- मैं प्लेइंग-11 का हिस्सा हूं और मैच बराबरी पर था। मैं सोच रहा था कि अगर टीम को छोड़ता हूं तो मेरी टीम 10 खिलाड़ियों से खेलेगी और उनके सामने फुल स्ट्रेंथ वाली इंग्लैंड की टीम होगी। साथ ही मेरे मन में यह भी था कि मेरी टीम एक गेंदबाज की कमी से जूझेगी। तब बहुत कुछ मेरे दिमाग में आ रहा था। मेरे दिमाग उस वक्त मेरे बस में नहीं था। मैं बस अपनी मां से की गई पिछली बातों को याद कर रहा था। मैं उन्हें बस देखना चाहता था और वापस आना चाहता था। मैंने फिर डॉक्टर से बात की और पूछा कि अब वह कैसी हैं। डॉक्टर ने कहा कि फिलहाल वह किसी से मिलने की स्थिति में नहीं हैं और मेरा दिल वहीं टूट गया।
5 of 7
रोहित और अश्विन
- फोटो : BCCI
अश्विन ने बताया- इसके बाद मैंने फ्लाइट की तलाश शुरू कर दी, लेकिन मुझे कोई फ्लाइट नहीं मिली। राजकोट एयरपोर्ट शाम छह बजे बंद हो जाता है। शाम छह बजे के बाद से वहां कोई फ्लाइट नहीं रहती है। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं। रोहित और द्रविड़ भाई मेरे रूम में आए। रोहित ने मुझसे कहा कि कुछ भी मत सोचो। उन्होंने मुझसे कहा कि मैं तुरंत अपने परिवार के पास जाऊं। वह मेरे लिए चार्टर्ड फ्लाइट की जुगाड़ में जुट गए। चेतेश्वर पुजारा को बहुत धन्यवाद। उन्हें अहमदाबाद में कुछ फ्लाइट्स मिले और उन्हें राजकोट आकर मुझे पिक करने के लिए कहा। पुजारा ने मेरी यात्रा का प्रबंध किया। मुझे नहीं पता कैसे दो घंटे बीत गए।