भारतीय क्रिकेट की नई स्टार हरमनप्रीत कौर का नाम देश के बच्च-बच्चे की जुबान पर है। महिला विश्वकप के सेमीफाइनल में उन्होंने ऐसी धमाकेदार पारी खेली उसके सामने पुरुष क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों की चमक भी फीकी पड़ गई। अपनी इस इस पारी के दौरान हरमनप्रीत ने 7 गगनचुंबी छक्के जड़े। इसके साथ ही वह पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाले खिलाड़ियों की सूची में दूसरे पायदान पर रहीं। फाइनल मुकाबले में अपनी 51 रन की पारी में वो केवल 2 छक्के जड़ सकीं। अगर वो दो छक्के और जड़तीं तो टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाली खिलाड़ी बन जातीं।
हरमनप्रीत ने खोला राज- वो कैसे जड़ लेती हैं लंबे-लंबे छक्के
स्वदेश वापसी पर उनसे पूछा गया कि वो ऐसे लंंबे लंबे छक्के कैसे जड़ लेती हैं तो उन्होंने इसका राज खोला। हरमन ने बताया कि उनके छक्के जड़ने की कला क्रिकेट कैरियर के शुुरुआती दिनों में पुरुषों के साथ खेलने से निखरी। हरमन ने महिला विश्वकप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 115 गेंद में 171 रन की तूफानी पारी खेली थी जिसके बाद उनकी इस पारी की तुलना कपिल देव की 1983 विश्वकप में जिंबाब्वे के खिलाफ खेली नाबाद 175 रन की पारी से होने लगी थी।
हरमनप्रीत ने खोला राज- वो कैसे जड़ लेती हैं लंबे-लंबे छक्के
हरमनप्रीत ने कहा, ‘मैं जब छोटी थी, तब ही से आक्रामक क्रिकेट खेलना चाहती थी। मैंने इस अंदाज में खेलना सीखा और लड़कों के साथ भी क्रिकेट खेली जो छक्के लगाते थे। मुझे भी छक्के जड़ना बेहद पसंद था।’ फाइनल के बारे में उन्होंने कहा, ‘इंग्लैंड के खिलाफ हमें रन चाहिए थी और मैंने यह सोचकर शॉट लगाया कि वह फील्डरों की पहुंच से दूर रहेगा लेकिन मैं कैच आउट हो गई। मुझे इसका काफी दुख हुआ।’
हरमनप्रीत ने खोला राज- वो कैसे जड़ लेती हैं लंबे-लंबे छक्के
उन्होंने कहा, ‘घरेलू क्रिकेट में मैंने इस तरह की पारियां खेलीं लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इससे पहले लंबी पारी नहीं खेल सकी थी। इस मैच का प्रसारण हुआ और लोगों ने इसे देखा। हम जीतना चाहते थे और मैं खुश हूं कि ऐसे समय में मैं अच्छा खेली जब टीम को जरूरत थी। हम सेमीफाइनल जीते, यह और भी ज्यादा खुशी की बात रही।’
हरमनप्रीत ने खोला राज- वो कैसे जड़ लेती हैं लंबे-लंबे छक्के
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इंडियन क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर
हरमनप्रीत को उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की वजह से ऑस्ट्रेलिया में बिग-बैश टी-20 में खेलने का मौका मिला। वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय बनीं। इसके बाद काउंटी क्रिकेट में खेलने वाली भी वह पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं। उनका पिछले दिनों ब्रिटिश काउंटी टीम के साथ अनुबंध हुआ है।