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Hardik Pandya Father Death: पेट काटकर हार्दिक-क्रुणाल को सिखाया क्रिकेट, भावुक कर देगी पिता के त्याग की कहानी

Sat, 16 Jan 2021 12:13 PM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rajeev Rai Updated Sat, 16 Jan 2021 12:13 PM IST
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Hardik Pandya Father death Struggle story of Hardik and Krunal Pandyas father Himanshu pandya in Hindi
दिवंगत पिता हिमांशु के साथ हार्दिक और क्रुणाल पांड्या - फोटो : instagram@hardikpandya93

भारतीय क्रिकेट के चर्चित पांड्या ब्रदर्स को शनिवार को गहरा सदमा लगा। हार्दिक और क्रुणाल के पिता हिमांशु पांड्या को 16 जनवरी की सुबह दिल का दौरा पड़ा, इसके बाद जब तक उन्हें अस्पताल ले जाया जाता, तब तक उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। पिता के  निधन की खबर सुनकर दोनों क्रिकेटरों के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। 



दोनों ही भाई आज भारतीय क्रिकेट में जाना-पहचान नाम हैं और इसके पीछे उनके पिता का अहम योगदान रहा। यही कारण रहा कि दोनों अपनी कामयाबी के पीछे पिता के संघर्षों को हमेशा श्रेय देते रहे और उनकी अहमियत को जानते रहे। पिता के त्याग को देखते हुए दोनों बेटों ने भी खूब मेहनत और संघर्ष किया।

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पिता हिमांशु के साथ हार्दिक और क्रुणाल पांड्या - फोटो : instagram@hardikpandya93

पिता के संघर्षों का इनाम भी मिला जब दोनों ही भाइयों का आईपीएल में चयन हो गया। हार्दिक पांड्या अपनी ऑलराउंड खेल से बेहद कम समय में ही टीम इंडिया की जान बन गए। उन्हें अगला कपिल देव तक कहा जाने लगा। वन-डे, टी-20 या फिर टेस्ट खेल के तीनों ही फॉर्मेट में अपनी उपयोगिता साबित कर चुके हार्दिक अब भारतीय टीम का अहम हिस्सा हैं।

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हार्दिक और क्रुणाल

पांड्या भले ही आज अपने स्टाइल स्टेटमेंट, बिंदास और आलीशान जीवनशैली के लिए मशहूर हैं, लेकिन कभी इस खिलाड़ी ने जीवन में बेहद कठिन दौर भी देखे हैं। यह हार्दिक पांड्या की कड़ी मेहनत और लगन ही तो है कि मैगी खाकर पेट भरने और उधार की कीट से क्रिकेट खेलना शुरू करने वाले इस खिलाड़ी के पास आज लंबी-चौड़ी फैन फॉलोइंग और पैसों की अथाह पैसा है।

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हार्दिक पांड्या का पूरा परिवार - फोटो : सोशल मीडिया

हार्दिक पांड्या ने विपरीत परिस्थितियों का सामना करके सफलता का मुकाम हासिल किया है। अगर कोई इस क्रिकेटर की निजी जिंदगी के बारे में जाने तो उसे प्रेरणा जरूर मिलेगी कि अगर आप लक्ष्य बना लें तो कड़ी मेहनत से उसे हासिल किया जा सकता है। हार्दिक की कहानी भी काफी प्रेरणादायी है।

गुजरात के इस ऑलराउंडर को आईपीएल से पहचान मिली और जैसे ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौका मिला तो उन्होंने इसे दोनों हाथों से लपक लिया। हार्दिक पांड्या अब टीम इंडिया के प्रमुख और विश्व के सक्रिय सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर्स की लिस्ट में शामिल हैं।

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हार्दिक पांड्या के पिता - फोटो : ट्विटर

वैसे, हार्दिक के मौजूदा सोशल मीडिया पोस्ट देखकर कोई भी यही आकलन करेगा कि वह बेहद आकर्षक जिंदगी जी रहे हैं। हालांकि, पांड्या परिवार का समय हमेशा से ऐसा नहीं रहा। हार्दिक के पिता हिमांशु पांड्या गुजरात के सूरत में फाइनेंस का व्यापार करते थे। उन्हें 1998 में इसे बंद करना पड़ा और पूरा परिवार फिर वडोदरा चला गया। 

हार्दिक के पिता हिमांशु पांड्या क्रिकेट के बहुत बड़े दीवाने थे और वह अपने दोनों बेटों (हार्दिक व क्रुणाल) को मैच दिखाने के लिए ले जाते थे। यहीं से हार्दिक और क्रुणाल को क्रिकेटर बनने की प्रेरणा मिली। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के बावजूद भी हिमांशु ने अपने बेटों को वडोदरा में किरण मोरे क्रिकेट अकादमी में भेजा, जहां से हार्दिक के क्रिकेटर बनने की यात्रा शुरू हुई।

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