{"_id":"623318308cf6975b244d32db","slug":"harbhajan-singh-will-go-to-rajya-sabha-aam-aadmi-party-aap-has-nominated-cricketer-harbhajan-singh","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"भज्जी की नई पारी: क्रिकेट के मैदान से लेकर राजनीति के मैदान तक का सफर, फिल्मों में भी नजर आ चुके हैं हरभजन","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
भज्जी की नई पारी: क्रिकेट के मैदान से लेकर राजनीति के मैदान तक का सफर, फिल्मों में भी नजर आ चुके हैं हरभजन
Thu, 17 Mar 2022 04:45 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 17 Mar 2022 04:45 PM IST
सार
हरभजन सिंह को पंजाब में एक खेल विश्वविद्यालय का प्रमुख बनाए जाने की भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हरभजन के राजनीति में आने की चर्चा उस समय तेज हुई थी जब पिछले साल दिसंबर में तत्कालीन पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू की तरफ से एक तस्वीर ट्वीट की गई।
विज्ञापन
हरभजन सिंह
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरभजन सिंह ने पिछले साल क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास का एलान किया था। तभी कयास लगाए जा रहे थे कि भज्जी राजनीति में एंट्री कर सकते हैं। बुधवार को आम आदमी पार्टी द्वारा पंजाब से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद इस बात पर भी मुहर लग गई। हरभजन ने क्रिकेट का सफर 26 साल पहले शुरू किया था। आइए हम आपको क्रिकेट के मैदान से लेकर राजनीति के मैदान तक के उनके सफर के बारे में बता रहे हैं।
हरभजन सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
भज्जी ने 1995 में क्रिकेट खेलना शुरू किया था
भज्जी को 1995 में पंजाब के लिए अंडर-16 क्रिकेट खेलने का मौका मिला था। अपने अंडर-16 डेब्यू टेस्ट मैच में ही हरभजन ने हरियाणा के खिलाफ 12 विकेट लिए थे। इसके बाद दो साल तक घरेलू क्रिकेट में हरभजन का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। दो साल बाद ही भज्जी को फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिला।
अक्तूबर 1997 में हरभजन को रणजी ट्रॉफी में खेलने का मौका मिला। इसके बाद उन्हें 1998 अंडर-19 विश्व कप के लिए टीम में शामिल किया गया। इस टूर्नामेंट में भज्जी ने छह मैचों में आठ विकेट लिए। इस तरह उन्होंने भारतीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।
भज्जी को 1995 में पंजाब के लिए अंडर-16 क्रिकेट खेलने का मौका मिला था। अपने अंडर-16 डेब्यू टेस्ट मैच में ही हरभजन ने हरियाणा के खिलाफ 12 विकेट लिए थे। इसके बाद दो साल तक घरेलू क्रिकेट में हरभजन का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। दो साल बाद ही भज्जी को फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिला।
अक्तूबर 1997 में हरभजन को रणजी ट्रॉफी में खेलने का मौका मिला। इसके बाद उन्हें 1998 अंडर-19 विश्व कप के लिए टीम में शामिल किया गया। इस टूर्नामेंट में भज्जी ने छह मैचों में आठ विकेट लिए। इस तरह उन्होंने भारतीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।
हरभजन सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
अंडर-19 विश्व कप से सीधे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट खेलने पहुंचे
1998 में जिस वक्त अंडर-19 विश्व कप खेला जा रहा था, उसी वक्त भारत और ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीमों के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी खेली जा रही थी। जैसे ही अंडर-19 वर्ल्ड कप खत्म हुआ, तो हरभजन को फौरन बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तीसरे टेस्ट में शामिल कर लिया गया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने डेब्यू (टेस्ट) में हरभजन सिर्फ दो विकेट ले पाए।
इसके अगले ही महीने हरभजन को वनडे में भी डेब्यू करने का मौका मिला। हरभजन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना पहला वनडे मैच खेला था। वनडे डेब्यू में भी उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था और एक ही विकेट ले पाए थे। हरभजन का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू वैसा नहीं रहा, जैसा उनका प्रदर्शन फर्स्ट क्लास, अंडर-16 और अंडर-19 क्रिकेट टूर्नामेंट में रहा था।
1998 में जिस वक्त अंडर-19 विश्व कप खेला जा रहा था, उसी वक्त भारत और ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीमों के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी खेली जा रही थी। जैसे ही अंडर-19 वर्ल्ड कप खत्म हुआ, तो हरभजन को फौरन बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तीसरे टेस्ट में शामिल कर लिया गया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने डेब्यू (टेस्ट) में हरभजन सिर्फ दो विकेट ले पाए।
इसके अगले ही महीने हरभजन को वनडे में भी डेब्यू करने का मौका मिला। हरभजन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना पहला वनडे मैच खेला था। वनडे डेब्यू में भी उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था और एक ही विकेट ले पाए थे। हरभजन का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू वैसा नहीं रहा, जैसा उनका प्रदर्शन फर्स्ट क्लास, अंडर-16 और अंडर-19 क्रिकेट टूर्नामेंट में रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
हरभजन सिंह (पीछे)
- फोटो : सोशल मीडिया
हरभजन के बॉलिंग एक्शन पर भी हुआ था विवाद
कुछ साल बाद हरभजन के बॉलिंग एक्शन को लेकर भी विवाद होने लगा। ऐसे में हरभजन को करीब दो साल तक राष्ट्रीय टीम से बाहर रहना पड़ा। साल 2001 में हरभजन ने वापसी की। तब टीम इंडिया के कप्तान रहे सौरव गांगुली ने हरभजन को भारत में होने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए टीम में शामिल किया।
गांगुली का फैसला सही साबित हुआ और हरभजन ने तीन टेस्ट मैचों में 32 विकेट चटकाए और भारत को सीरीज जीतने में मदद की। इस सीरीज में ही उन्होंने हैट्रिक ली थी और टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज भी बने थे।
कुछ साल बाद हरभजन के बॉलिंग एक्शन को लेकर भी विवाद होने लगा। ऐसे में हरभजन को करीब दो साल तक राष्ट्रीय टीम से बाहर रहना पड़ा। साल 2001 में हरभजन ने वापसी की। तब टीम इंडिया के कप्तान रहे सौरव गांगुली ने हरभजन को भारत में होने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए टीम में शामिल किया।
गांगुली का फैसला सही साबित हुआ और हरभजन ने तीन टेस्ट मैचों में 32 विकेट चटकाए और भारत को सीरीज जीतने में मदद की। इस सीरीज में ही उन्होंने हैट्रिक ली थी और टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज भी बने थे।
विज्ञापन
हरभजन सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
भारत के चौथे सबसे सफल टेस्ट गेंदबाज
ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद हरभजन का भारतीय क्रिकेट में कद बढ़ा और वह अनिल कुंबले के बाद टीम के दूसरे मुख्य स्पिनर बन गए। यहां से हरभजन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2006 में वेस्टइंडीज के खिलाफ जमैका में उन्होंने पांच विकेट चटकाए थे। इसी की बदौलत टीम इंडिया 35 साल बाद विंडीज में टेस्ट सीरीज जीतने में सफल हो पाई थी। हरभजन ने भारत के लिए 103 टेस्ट मैचों में 417 विकेट चटकाए। वे भारत के चौथे और ओवरऑल 14वें सबसे सफल टेस्ट गेंदबाज हैं।
ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद हरभजन का भारतीय क्रिकेट में कद बढ़ा और वह अनिल कुंबले के बाद टीम के दूसरे मुख्य स्पिनर बन गए। यहां से हरभजन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2006 में वेस्टइंडीज के खिलाफ जमैका में उन्होंने पांच विकेट चटकाए थे। इसी की बदौलत टीम इंडिया 35 साल बाद विंडीज में टेस्ट सीरीज जीतने में सफल हो पाई थी। हरभजन ने भारत के लिए 103 टेस्ट मैचों में 417 विकेट चटकाए। वे भारत के चौथे और ओवरऑल 14वें सबसे सफल टेस्ट गेंदबाज हैं।