पिछले एक दशक में भारत ने दो वर्ल्ड कप जीते हैं। 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 में आईसीसी वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया ने क्रिकेट जगत में अपना दबदबा बनाया। दोनों ही वर्ल्ड कप में कुछ बातें संयोग से मिल गई।
हैप्पी बर्थडे: दो वर्ल्ड कप फाइनल जिताने के बाद भी हुई इस खिलाड़ी की अनदेखी
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गौतम गंभीर
- फोटो : getty
दोनों ही वर्ल्ड कप भारत ने धोनी की कप्तानी में जीते। दोनों ही वर्ल्ड कप के स्टार खिलाड़ी युवराज सिंह रहे। दोनों ही वर्ल्ड कप में भारत एक मैच हारा और एक मैच टाई रहा। मगर एक खिलाड़ी है जिसने भारत के लिए दोनों ही वर्ल्ड कप के फाइनल में रन बनाए, मगर उसकी उपेक्षा होती रही।
हैप्पी बर्थडे: दो वर्ल्ड कप फाइनल जिताने के बाद भी हुई इस खिलाड़ी की अनदेखी
वो खिलाड़ी है गौतम गंभीर। 14 अक्टूबर को जन्मे गंभीर ने वनडे, टेस्ट और टी-20 में कई मौकों पर टीम के लिए साहसिक पारियां खेली हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान फिलहाल टीम में वापसी के लिए जूझ रहे हैं। हालांकि उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ मौका मिला, मगर चोट के चलते वो उसे ठीक से भुना नहीं सके।
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गौतम गंभीर
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बाएं हाथ के गंभीर ने ‘निडर हो खेलने’ का पाठ पढ़ाया। गंभीर आसानी ने अपना विकेट नहीं फेंकते। गंभीर ने 6 वनडे मैचों में भारत की कप्तानी की और सभी में जीत दर्ज की। गंभीर 5 लगातार टेस्ट मैचों में 5 शतक जड़ने वाले इकलौते भारतीय हैं। मगर वर्ल्ड कप के फाइनल में उनके प्रदर्शन की अनदेखी बेहद दर्दनाक है।
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गौतम गंभीर
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2007 टी-20 वर्ल्ड कप
2007 के आईसीसी वर्ल्ड कप में भारत पहले ही दौर में बाहर हो गया था। इसके बाद भारत की ‘युवा’ टीम की कमान महेंद्र सिंह धोनी को सौंपी गई। इसके बाद यह टीम इतिहास में अमर हो गई। पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में भारत ने 157 रन बनाए। इस मैच में गंभीर ने 54 गेंदों में 75 रन ठोके। पूरे विश्व कप की बात करें तो गंभीर ने भारत के लिए सर्वाधिक रन बनाए। पूरे टूर्नामेंट में गंभीर ने 129 की स्ट्राइक रेट से 227 रन बनाए, जिसमें उनकी औसत 37.83 की थी।