दो विश्व कप (2007, 2011) के फाइनल में अपनी यादगार पारियों से टीम इंडिया को जीत का खिताब दिलाने वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज गौतम गंभीर ने गत बुधवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। क्रिकेट से संन्यास लेने के एक दिन बाद यानी गुरुवार को उन्होंने CricketNext को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने 11 साल पुरानी बातों को साझा किया, जिसका मलाल उन्हें आज भी है और आप भी ये बातें सुनकर थोड़ा भावुक जरूर होने पर मजबूर होंगे। आइए जानते हैं गौतम ने इंटरव्यू में 11 साल पुरामी कौन सी बातें साझा की हैः
गौतम ने 11 साल तक मन में दबाए रखा 'गंभीर' राज, संन्यास लेते ही बताया क्या हुआ था
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गौतम गंभीर ने इंटरव्यू में कहा, '2007 शायद मेरे करियर में सबसे खराब क्षणों में से एक था, क्योंकि मैं वेस्टइंडीज के 50 ओवर के विश्वकप में जगह पाने से चूक गया था। मुझे वहां बैठे हुए, ऐसा लग रहा था कि मुझे उस विश्व कप का हिस्सा होना चाहिए था, मैं सिलेक्ट होने के बहुत करीब था। मुझे लगा कि मेरा बचपन का सपना कभी सच नहीं होगा, क्योंकि उस समय तक टी-20 विश्व कप की कल्पना नहीं हुई थी। मुझे याद है कि यह फरवरी का महीना था, मैं टीम में चयन होने से चूक गया और मैंने दो महीने तक बल्ला नहीं पकड़ा।'
आगे उन्होंने कहा, 'वो साल मुझे बहुत कुछ सिखाया। कितनी जल्दी कुछ चीजें बदल जाती हैं। फरवरी मैं डंप में था और फिर सितंबर में मैं विजेता विश्वकप टीम का हिस्सा बन गया। 5-6 महीने की अवधि में, सब कुछ पूरी तरह से बदल गया, जिसने मुझे बहुत सारी चीजें सिखाई। यह मेरे क्रिकेट करियर में सबसे बड़ा सीखने का सबक था।'
गौरतलब है कि गंभीर ने दो वर्ल्डकप के फाइनल में शानदार बल्लेबाजी की और मैच विनिंग पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई। दक्षिण अफ्रीका में हुए पहले टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत की मुख्य वजह गौतम गंभीर की बल्लेबाजी रही। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 3 अर्धशतक लगाए। उन्होंने फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 75 रन की शानदार पारी खेली थी।
इसके अलावा उन्होंने साल 2011 के वर्ल्ड कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ सबसे बड़ी पारी खेली थी। इस मैच में उनकी मैच विनिंग पारी की बदौलत टीम इंडिया नें वर्ल्ड कप पर कब्जा जमाया। गंभीर ने इस मैच में 97 रन बनाए थे। इसी के साथ भारत 1983 विश्व कप के बाद पहली बार विश्व चैंपियन बना था और श्रीलंका को हराकर खिताब जीता था।