आईपीएल 2020 के खिताबी मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को पांच विकेट से रौंदते हुए मुंबई इंडियंस ने रिकॉर्ड पांचवीं बार टूर्नामेंट अपने नाम किया। 13वें सीजन में रिलीज होकर आए कुछ खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया इन क्रिकेटर्स के खेल को देखकर पुराने फ्रेंचाइजियों को अफसोस तो जरूर हो रहा होगा। ऐसे में आइए जानते हैं रिलीज होकर आए इन पांच खिलाड़ियों के बारे में, जिन्होंने आईपीएल 2020 में शानदार प्रदर्शन किया...
टीम बदलते ही इन खिलाड़ियों का खेल भी बदल गया, अब फ्रैंचाइजियों को हो रहा होगा मलाल
ट्रेंट बोल्ट (दिल्ली से मुंबई)
दिल्ली से रिलीज होकर मुंबई आए ट्रेंट बोल्ट दूसरी टीमों की शुरुआत खराब करने के लिए कुख्यात रहे। सबसे पहले 2015 में उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद ने खरीदा। 2017 में उन्हें पांच करोड़ की भारी भरकम राशि देकर केकेआर ने अपने साथ जोड़ा। 2018 और 2019 में दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा रहे बोल्ट 13वें सीजन में मुंबई इंडियंस के लिए खेल रहे थे। 15 मैच में 25 विकेट लेकर वह प्लेयर ऑफ द सीजन रहे। इस सीजन सर्वाधिक चार मेडन भी उन्हीं के नाम रहा।
मार्कस स्टोइनिस (बैंगलोर से दिल्ली)
मार्कस स्टोइनिस ने दिल्ली के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में शानदार प्रदर्शन किया है। चाहे क्वालीफायर-2 में उनकी सलामी बल्लेबाजी हो या फिर शुरुआती मुकाबलों में फिनिशर की भूमिका, ऑस्ट्रेलिया का यह हरफनमौला खिलाड़ी हर रोल में फिट बैठा। बल्लेबाजी में 17 मैच के बाद तीन अर्धशतक की मदद से 352 रन बनाने वाले इस मध्यम गति के गेंदबाज ने 13 विकेट भी अपने नाम किए वहीं, पिछले साल उन्होंने आरसीबी की तरफ से 10 मैचों में 211 रन बनाए थे, जबकि गेंदबाजी में केवल दो विकेट लिए थे। 2015 में सबसे पहली बार दिल्ली डेयरडेविल्स का ही हिस्सा रहा यह खिलाड़ी अगसे साल किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेला बाद में आरसीबी का हिस्सा बन गया।
आर अश्विन (पंजाब से दिल्ली)
यूएई की धीमी पिचों पर कई बार स्पिनर्स ने अहम भूमिका निभाई। दिल्ली कैपिटल्स के फाइनल तक के सफर में अश्विन के रोल को नकारा नहीं जा सकता। पिछले सीजन किंग्स इलेवन पंजाब की कप्तानी करने वाले रवि अश्विन फेल ही रहे थे। न उनका खेल अच्छा था और न ही टीम का। साल 2019 में उन्होंने भले ही 14 मैच में 15 विकेट चटकाए हो, लेकिन इस बार अपनी किफायती गेंदबाजी और अहम समय पर बड़े विकेट चटकाए। रवि अश्विन ने 15 मुकाबलों में 13 शिकार किए।
सैम करन (पंजाब से चेन्नई)
सैम करन को रिलीज करना किंग्स इलेवन पंजाब की सबसे बड़ी भूल थी। गेंद और बल्ले से बराबर दम दिखाने वाले इस इंग्लिश ऑलराउंडर ने इस बार चेन्नई के लिए अच्छा प्रदर्शन किया। धोनी ने न सिर्फ उन्हें पहला ओवर फेंकने की जिम्मेदारी दी बल्कि कई बार पारी की शुरुआत भी करवाई। सैम करन ने भी निराश नहीं किया और सीएसके को धुआंधार शुरुआत दिलवाई। 13वें सीजन में करन ने 14 मैचों में 13 विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा उन्होंने बल्लेबाजी में एक अर्धशतक के साथ 186 रन बनाए। वहीं, पंजाब के लिए करन नौ मैचों में 10 विकेट लिए थे।