विश्व कप 2019 में पाकिस्तान को मिली हार के बाद टीम के कप्तान सरफराज अहमद से कप्तानी छीन ली गई। कप्तानी जाने के बाद उन्हें टीम से भी बाहर कर दिया गया। राष्ट्रीय टीम से बाहर होने के बाद सरफराज अहमद ने पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट में वापसी की और अपने शानदार प्रदर्शन से चयनकर्ता समेत अपने सभी आलोचकों को करारा जवाब दिया है। पाकिस्तान के इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने पांच साल के लंबे इंतजार के बाद शतक जड़ा है।
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सरफराज अहमद
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घरेलू कायेद आजम ट्रॉफी में सिंध की ओर से खेलते हुए सरफराज ने वेस्टर्न पंजाब के खिलाफ सधी हुई पारी खेलकर मुकाबले में अपनी टीम की वापसी करवाई। वेस्टर्न पंजाब ने पहली पारी में 517 रन बनाए थे, इसके बाद सरफराज ने अपनी टीम को खेल में वापस लाया। पूर्व कप्तान सरफराज ने 174 गेंदों पर 13 चौके की मदद से 131 रन बनाए। उन्होंने पांचवें विकेट के लिए फवाद आलम के साथ 278 रनों की पार्टनरशिप कर सिंध की पहली पारी को 486 रन तक पहुंचा दिया। आलम ने 309 गेंदों पर 211 बनाए।
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सरफराज अहमद
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फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 155 मैचों में यह सरफराज का 11वां शतक है। सरफराज ने कहा कि मैं ऐसी पारी के इंतजार में था। इस तरह की पारी से आपका आत्मविश्वास बढ़ता है। बल्लेबाजी को लय में लाने के लिए मेरे लिए घरेलू क्रिकेट फायदेमंद साबित हो रहा है।
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सरफराज अहमद
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विश्व कप में मिली शर्मनाक हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में हंगामा मच गया था। सरफराद से कप्तानी छीन ली गई। कोच मिकी आर्थर को भी मुख्य कोच पद की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया। पाकिस्तान टीम के नए कोच बने मिस्बाह ने यहां तक कहा था कि सरफराज बड़े फैसले लेने में सक्षम नहीं हैं और सीनियर खिलाड़ी उनकी बात तक नहीं सुनते हैं। सरफराज ने अपनी बल्लेबाजी से अपने सभी विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है।
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सरफराज अहमद
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32 साल के सरफराज के नाम बतौर कप्तान टेस्ट क्रिकेट में एक भी शतक नहीं है। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम सिर्फ तीन शतक हैं और वो भी कप्तान बनने से पहले उन्होंने लगाया था। पाकिस्तान टीम में अपनी गंवाई हुई सम्मान को पाने के लिए संघर्ष कर रहे सरफराज ने कहा कि कई बार इंटरनेशनल क्रिकेट से ब्रेक लेना अच्छा होता है। घरेलू क्रिकेट में आप हर तरह के दबाव से मुक्त होते हैं और अपनी लय पर पूरा ध्यान लगाते हैं।