टीम इंडिया एक बार फिर विदेश में सीरीज हारी और अब दोबारा चर्चा का विषय रोहित शर्मा बन गए हैं। क्या दाएं हाथ के बल्लेबाज को सीमित ओवर प्रारूप में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद टेस्ट टीम में जगह मिलना चाहिए? इस पर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर का मानना है कि मुंबई के बल्लेबाज को टीम इंडिया में होना चाहिए।
टीम इंडिया का मौजूदा इंग्लैंड दौरे पर प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। 'विराट ब्रिगेड' का शीर्षक्रम बुरी तरह बिखरा। शिखर धवन, केएल राहुल और मुरली विजय का बल्ला खामोश रहा। टीम प्रबंधन ने भी इन्हीं तीन खिलाड़ियों में से बदलाव करके चार मैच खेले। मगर एक भी बल्लेबाज सफल नहीं हुआ। धवन को दूसरे टेस्ट में बाहर करके तीसरे में दोबारा मौका दिया। वहीं विजय को अंतिम दो टेस्ट में टीम से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह पृथ्वी शॉ पर भरोसा जताया गया।
वेंगसरकर भी टीम इंडिया के बल्लेबाजी प्रदर्शन से बेहद निराश हैं। उन्होंने रोहित शर्मा को शामिल नहीं करने पर टीम इंडिया सहित चयनकर्ताओं पर भड़ास निकाली है। उनका मानना है कि भारतीय बल्लेबाजों में विदेशी पिचों पर खेलते समय तकनीकी शैली का अभाव नजर आ रहा है। ऐसे में एक अतिरिक्त बल्लेबाज को मौका देना चाहिए, जिसमें रोहित शर्मा एकदम फिट बैठते।
कर्नल के हवाले से छपी खबर के मुताबिक, 'मुझे लगता है कि रोहित शर्मा को टेस्ट सीरीज के लिए शामिल नहीं करके टीम इंडिया ने बहुत बड़ी गलती की है। मुझे लगता है कि रोहित को टीम से बाहर इसलिए किया गया क्योंकि टेस्ट में उनका प्रदर्शन निरंतर नहीं था। मगर स्ट्रोक खेलने की उनकी क्षमता बेहतरीन है। इंग्लैंड की पिचों पर रक्षात्मक अंदाज में खेलने वाले बल्लेबाज जिस तरह खेल रहे हैं, ऐसे में विराट कोहली के लिए रोहित शर्मा सबसे बेहतर विकल्प बन सकते थे।'
वेंगसकर ने चयनकर्ताओं पर तंज कसते हुए कहा, 'रोहित शर्मा को नहीं सिलेक्ट करने पर ऐसा लगा कि किसी ने अपना दिमाग नहीं लगाया कि इंग्लिश परिस्थितियों में कौन सफल होगा और बैक-अप प्लान के लिए कौन तैयार होगा। बता दें कि रोहित शर्मा का इस साल की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। इसके बाद अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए उन्हें शामिल नहीं किया गया था।