भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 15 सितंबर से तीन मैचों की टी-20 सीरीज की शुरुआत हो रही है। पहला मुकाबला दोनों टीमों के बीच रविवार को धर्मशाला में खेला जाएगा। टी-20 सीरीज के बाद दो अक्टूबर से तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी।
INDvSA: मैच फिक्सिंग से लेकर बॉल टेंपरिंग तक, वो पांच बड़े विवाद जो रह गए याद
हैंसी क्रोनिए मैच फिक्सिंग विवाद
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे बड़ा घोटाला भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए मैच में हुआ था। 7 अप्रैल, 2000 को दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया कि तात्कालिक दक्षिण अफ्रीकी कप्तान हैंसी क्रोनिए ने मैच फिक्सिंग किया था। इसके बाद क्रोनिए पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया। हालांकि, बाद में इस बात का खुलासा हुआ कि क्रोनिए ने कम रन बनाने के लिए 15,000 डॉलर की पेशकश की थी।
ग्रैग चैपल मिडिल फिंगर विवाद
साल 2005 में ग्रैग चैपल टीम इंडिया के मुख्य कोच थे। भारत और दक्षिण अफ्रीका मैच से पहले भारतीय टीम तीसरे वन-डे के लिए कोलकाता पहुंची तो वहां के दर्शक चैपल विरोधी नारे लगाने लगे। साथ ही बैनर भी लहराए। इसके बाद कोच ने भीड़ को अपनी मिडिल फिंगर दिखाई यह चीज कैमरों ने कैद कर ली थी। इसके बाद कोच पर भीड़ को अपनी मध्य उंगली दिखाने का आरोप लगाया गया था। बता दें कि इस मैच से पहले सौरव गागुंली को टीम ने निकाल दिया गया था।
सचिन पर लगा था बॉल टैंपरिंग का आरोप
साल 2001 में दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच पोर्ट एलिजाबेथ में दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा था। इस मैच में मैच रेफरी माइक डेनिस ने सचिन तेंदुलकर पर गेंद से छेड़छाड़ का आरोप लगाया था, जिसे सुनकर सभी खिलाड़ी आश्चर्यचकित हो गए थे। बता दें कि इस घटना के बाद तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, कप्तान सौरव गांगुली, हरभजन सिंह, शिव सुंदर दास और दीप दासगुप्ता को एक टेस्ट मैच के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। इससे भारत में नाराजगी फैल गई और मामला भारत की संसद में भी उठा। डेनिस को नस्लवादी करार दिया गया और आईसीसी पर भारत के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया गया। बीसीसीआई ने दक्षिण अफ्रीका के अपने दौरे को बंद करने की धमकी दी जब तक कि डेनेस को तीसरे टेस्ट के लिए मैच रेफरी के रूप में बदल नहीं दिया गया।
कपिल देव मांकड़ विवाद
साल 1992 में पोर्ट एलिजाबेथ स्टेडियम में दूसरे वनडे के दौरान एक विवाद खड़ा हो गया। इस मैच में भारत ने कुल 147 रन बनाए थे, जवाब में मैदान पर उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम ने 9 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर केवल 20 रन बनाए थे। उस समय कपिल देव सलामी बल्लेबाज केपलर वेसल्स को गेंदबाजी करने जा रहे थे, तभी वो स्टंप्स के पास आकर रुक गए और बेल्स पर गेंद फेंक कर 1 विकेट अपने नाम कर लिया। हालांकि, बाद में पता चला कि उन्होंने नॉन-स्ट्राइकर के छोर पर बेल्स पर स्टंपिंग की, क्योंकि पीटर कर्स्टन ने डिलीवरी होने से पहले ही क्रीज छोड़ दी थी। अंपायर साइरस मिचली ने खेल के नियमों को ध्यान में रखते हुए कर्स्टन को आउट करार किया। इसके बाद कपिल देव गुस्सा हो गए और वेसल्स को बताया कि यह तीसरी बार था जब कर्स्टन ने क्रीज छोड़ दिया था।