विदेशी धरती पर अपने बल्ले से रन बनाने के लिए मशहूर दिग्गज मोहिंदर अमरनाथ को भी लगने लगा है कि विराट कोहली की टीम इस बार आस्ट्रेलिया को उसी की मांद में चारो खाने चित कर सकती है। 1983 के विश्व कप के फाइनल और सेमीफाइनल के हीरो अमरनाथ एडीलेड में जीत के रूप में मिली भारत की बेहतरीन शुरूआत को बड़ी उपलब्धि मानते हैं।
आईसीसी के एक कार्यक्रम में गौतम गंभीर के साथ हिस्सा लेने आए अमरनाथ का कहना है कि भारत को आस्ट्रेलिया में पहली बार इतनी बेहतरीन शुरूआत मिली है और यही कारण है कि उन्हें लगता है कि टीम इंडिया अंत में यह श्रृंखला जीतने में सफल रहेगी।
आस्ट्रेलिया में 55.66 की औसत से आठ टेस्टों में दो शतकों की मदद से 668 रन बनाने वाले अमरनाथ का मानना है कि इस बार भारतीय गेंदबाज आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों से बेहतर नजर आ रहे हैं। वहीं भारतीय बल्लेबाज भी कंगारुओं के मुकाबले ज्यादा अनुभवी हैं। पुजारा और रहाणे ने पहले टेस्ट में अच्छी बल्लेबाजी की बावजूद इसके बल्ले से सुधार की गुंजाइश है।
मोहिंदर की नजरों में अगले तीन टेस्ट मैचों में किस तरह की पिच मेजबान रखते हैं इस पर परिणाम ज्यादा निर्भर करेगा। पर्थ में होने वाले दूसरे टेस्ट मैच की पिच नई है। यहां विकेट किस तरह का व्यवहार करेगा यह देखने वाली बात होगी। भारतीयों को सामंजस्य बिठाकर एक समान प्रदर्शन करना होगा।
1983 के विश्व कप के सेमीफाइनल और फाइनल में मैन ऑफ द मैच बनने वाले मोहिंदर अमरनाथ इस विश्व कप की यादों में खो जाते हैं। उन्हें याद है कि वेस्टइंडीज के मैल्कम मार्शल की गेंदबाजी को उन्होंने किस तरह खेला था। मार्शल उस वक्त युवा थे और फिट भी थे। उनकी गेंद ठीक वैसे पिच पर आती थी जैसे बंदूक से गोली निकली हो। यही नहीं विश्व कप के लिए कपिल देव के नेतृत्व में जब भारतीय टीम इंग्लैंड रवाना हुई थी तो टीम का कोई भी सदस्य जीत के प्रति आश्वस्त नहीं था, लेकिन जब परिणाम आने लग पड़े तो टीम एकजुट हो गई।