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भारत बनाम वेस्टइंडीज: गंभीर ने श्रेयस से पहले शिवम को भेजने का बचाव किया, गेंदबाजों को लेकर क्या बोले कोच?
Sat, 10 Oct 2026 11:50 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, रांची
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sat, 10 Oct 2026 11:50 AM IST
सार
शिवम दुबे को श्रेयस अय्यर के स्थान पर बल्लेबाजी के लिए भेजे जाने पर मुख्य कोच गौतम गंभीर की आलोचना की जा रही है। हालांकि, कोच ने अपने इस फैसले का बचाव किया है। साथ ही उन्होंने बल्ले और गेंद के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा की वकालत की है।
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गौतम गंभीर
- फोटो : IANS
भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला रांची में शुक्रवार को खेला गया। भारतीय बल्लेबाजी के दौरान श्रेयस अय्यर से पहले शिवम दुबे को भेजा गया। इस फैसले के लिए गौतम गंभीर को आलोचना का सामना करना पड़ा, लेकिन मैच के बाद भारतीय कोच ने दुबे को अय्यर से पहले भेजने के फैसले का बचाव किया। भारत को इस मैच में हार का सामना करना पड़ा।
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गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर
- फोटो : IANS
गंभीर की हुई आलोचना
शिवम दुबे बल्लेबाजी के लिए चौथे नंबर पर आए थे। उन्हें बल्लेबाजी के लिए आने को तैयार कप्तान श्रेयस अय्यर की जगह भेजा गया था। दुबे जब बल्लेबाजी के लिए आए तो स्कोर 11.1 ओवर में 139 रन था। दुबे उम्मीद के अनुरूप बल्लेबाजी नहीं कर सके और 10 गेंदों पर सात रन बनाकर आउट हो गए। इसका असर टीम के कुल स्कोर पर भी पड़ा। दुबे की जगह अगर श्रेयस अय्यर को भेजा गया होता, तो शायद परिणाम कुछ और होता। पहले मैच में शतक लगाने वाले अय्यर ने बाद में आकर 18 गेंदों पर 40 रन की पारी खेली।
गौतम गंभीर ने कहा, हमने शिवम को लंबे समय तक ऐसे ही इस्तेमाल किया है, विश्व कप में भी और उससे पहले भी। यह सिर्फ एक बार नहीं हुआ। इस मैच में हमने मोमेंटम खो दिया था। यह इंटरनेशनल क्रिकेट है, कभी-कभी यह आपके हिसाब से होता है, कभी-कभी नहीं। सबसे जरूरी बात हम हमेशा अपनी बैटिंग लाइन-अप के साथ लचीले रहे हैं और हम इसे जारी रखेंगे। मैंने कहा है कि टी20 क्रिकेट में सिर्फ ओपनर्स ही फिक्स होते हैं।
शिवम दुबे बल्लेबाजी के लिए चौथे नंबर पर आए थे। उन्हें बल्लेबाजी के लिए आने को तैयार कप्तान श्रेयस अय्यर की जगह भेजा गया था। दुबे जब बल्लेबाजी के लिए आए तो स्कोर 11.1 ओवर में 139 रन था। दुबे उम्मीद के अनुरूप बल्लेबाजी नहीं कर सके और 10 गेंदों पर सात रन बनाकर आउट हो गए। इसका असर टीम के कुल स्कोर पर भी पड़ा। दुबे की जगह अगर श्रेयस अय्यर को भेजा गया होता, तो शायद परिणाम कुछ और होता। पहले मैच में शतक लगाने वाले अय्यर ने बाद में आकर 18 गेंदों पर 40 रन की पारी खेली।
गौतम गंभीर ने कहा, हमने शिवम को लंबे समय तक ऐसे ही इस्तेमाल किया है, विश्व कप में भी और उससे पहले भी। यह सिर्फ एक बार नहीं हुआ। इस मैच में हमने मोमेंटम खो दिया था। यह इंटरनेशनल क्रिकेट है, कभी-कभी यह आपके हिसाब से होता है, कभी-कभी नहीं। सबसे जरूरी बात हम हमेशा अपनी बैटिंग लाइन-अप के साथ लचीले रहे हैं और हम इसे जारी रखेंगे। मैंने कहा है कि टी20 क्रिकेट में सिर्फ ओपनर्स ही फिक्स होते हैं।
गौतम गंभीर
- फोटो : ANI
बल्ले और गेंद के बीच कड़े मुकाबले की बात कही
गंभीर ने बल्ले और गेंद के बीच ज्यादा कड़े मुकाबले की बात कही। इसके साथ ही गंभीर ने युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव की तारीफ की। गंभीर ने कहा, आप किसी भी हार को हल्के में नहीं लेते। अगर आप सुधार करते रहना चाहते हैं, तो आप किसी भी बात को छिपाना नहीं चाहते। हम एक विश्व चैंपियन टीम हैं, इसलिए हम सुधार करते रहना चाहते हैं। ये साफ तौर पर गेंदबाजी के लिए मुश्किल हालात हैं। हम जानते हैं कि ओस वाली सपाट विकेटें होती हैं। यह मुश्किल है। हमें इसका हल निकालना होगा। वेस्टइंडीज को जीत का श्रेय जाता है। वेस्टइंडीज ने पहले ओवर में दो विकेट और फिर पावरप्ले में तीन विकेट गंवा दिए। इसके बाद शाई होप और शेरफेन ने शानदार बल्लेबाजी की। दोनों विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं। यह हमारे लिए मुश्किल था, लेकिन हम सुधार करते रहेंगे।
गंभीर ने कहा, हालात ऐसे होने चाहिए कि गेंदबाज को बल्लेबाज के रहमोकरम पर छोड़ने के बजाय मुकाबला करने का सही मौका मिले। हम एक बराबरी का मुकाबला भी देखना चाहते हैं। ये बॉलर हमारे बॉलर हैं किसी और के नहीं। उनका करियर दांव पर लगा है, उन्होंने इस ड्रेसिंग रूम में बैठने के लिए बहुत मेहनत की है। अगर मुकाबला बराबरी का रहा, तो हम क्रिकेट का बेहतर खेल देखेंगे।
गंभीर ने बल्ले और गेंद के बीच ज्यादा कड़े मुकाबले की बात कही। इसके साथ ही गंभीर ने युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव की तारीफ की। गंभीर ने कहा, आप किसी भी हार को हल्के में नहीं लेते। अगर आप सुधार करते रहना चाहते हैं, तो आप किसी भी बात को छिपाना नहीं चाहते। हम एक विश्व चैंपियन टीम हैं, इसलिए हम सुधार करते रहना चाहते हैं। ये साफ तौर पर गेंदबाजी के लिए मुश्किल हालात हैं। हम जानते हैं कि ओस वाली सपाट विकेटें होती हैं। यह मुश्किल है। हमें इसका हल निकालना होगा। वेस्टइंडीज को जीत का श्रेय जाता है। वेस्टइंडीज ने पहले ओवर में दो विकेट और फिर पावरप्ले में तीन विकेट गंवा दिए। इसके बाद शाई होप और शेरफेन ने शानदार बल्लेबाजी की। दोनों विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं। यह हमारे लिए मुश्किल था, लेकिन हम सुधार करते रहेंगे।
गंभीर ने कहा, हालात ऐसे होने चाहिए कि गेंदबाज को बल्लेबाज के रहमोकरम पर छोड़ने के बजाय मुकाबला करने का सही मौका मिले। हम एक बराबरी का मुकाबला भी देखना चाहते हैं। ये बॉलर हमारे बॉलर हैं किसी और के नहीं। उनका करियर दांव पर लगा है, उन्होंने इस ड्रेसिंग रूम में बैठने के लिए बहुत मेहनत की है। अगर मुकाबला बराबरी का रहा, तो हम क्रिकेट का बेहतर खेल देखेंगे।
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मयंक यादव
- फोटो : PTI
मयंक यादव को जमकर सराहा
कोच गंभीर ने युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव की तारीफ करते हुए कहा, वह एक तेज गेंदबाज है, उसे एक तेज गेंदबाज की तरह ही गेंदबाजी करनी चाहिए। वह धीमा गेंदबाज नहीं है। अगर आप 150 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से गेंदबाजी कर सकते हैं, तो करें। अगर आप 120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से गेंदबाजी करते हैं, तो करें। जब आप तेज गेंदबाज के तौर पर खेल रहे होते हैं, तो तेज गेंदबाजी करना आपकी जिम्मेदारी होती है। और उसने ऐसा ही किया और सफलता हासिल की।
मैच की बात करें, तो भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए संजू सैमसन के 82, ईशान किशन के 43, श्रेयस अय्यर के 40 और तिलक वर्मा के नाबाद 44 रन की बदौलत 20 ओवर में पांच विकेट पर 249 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज ने अपने कप्तान और सलामी बल्लेबाज शाई होप के 45 गेंदों पर 9 छक्कों और 6 चौकों की मदद से बनाए विस्फोटक 102 रन और शरफेन रदरफोर्ड के 37 गेंदों पर 7 छक्कों और 7 चौकों की मदद से बनाए 84 रनों की बदौलत 18.3 ओवर में 4 विकेट पर 252 रन बनाकर मैच 6 विकेट से जीत लिया।
कोच गंभीर ने युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव की तारीफ करते हुए कहा, वह एक तेज गेंदबाज है, उसे एक तेज गेंदबाज की तरह ही गेंदबाजी करनी चाहिए। वह धीमा गेंदबाज नहीं है। अगर आप 150 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से गेंदबाजी कर सकते हैं, तो करें। अगर आप 120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से गेंदबाजी करते हैं, तो करें। जब आप तेज गेंदबाज के तौर पर खेल रहे होते हैं, तो तेज गेंदबाजी करना आपकी जिम्मेदारी होती है। और उसने ऐसा ही किया और सफलता हासिल की।
मैच की बात करें, तो भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए संजू सैमसन के 82, ईशान किशन के 43, श्रेयस अय्यर के 40 और तिलक वर्मा के नाबाद 44 रन की बदौलत 20 ओवर में पांच विकेट पर 249 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज ने अपने कप्तान और सलामी बल्लेबाज शाई होप के 45 गेंदों पर 9 छक्कों और 6 चौकों की मदद से बनाए विस्फोटक 102 रन और शरफेन रदरफोर्ड के 37 गेंदों पर 7 छक्कों और 7 चौकों की मदद से बनाए 84 रनों की बदौलत 18.3 ओवर में 4 विकेट पर 252 रन बनाकर मैच 6 विकेट से जीत लिया।