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नक्सलियों का पूना मारगेम-पुनर्वास से पुनर्जीवन: मुख्यधारा में लौटे बस्तर के 210 नक्सली, मिलेंगी ये सुविधायें
Fri, 17 Oct 2025 04:31 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Fri, 17 Oct 2025 04:31 PM IST
सार
CG Naxalites surrender News: छत्तीसगढ़ में शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा। पहली बार नक्सल विरोधी मुहिम को बड़ी सफलता मिली है।
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आत्म समर्पित माओवादी
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
CG Naxalites surrender News: छत्तीसगढ़ में शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा। पहली बार नक्सल विरोधी मुहिम को बड़ी सफलता मिली है। शासन की नक्सल पुनर्वास नीति और नियदनेल्लानार योजना के बेहतर क्रियान्वयन के फलस्वरुप 17 अक्तूबर को बस्तर संभाग कैडर के 210 नक्सली हिंसा का रास्ता त्यागकर मुख्यधारा में लौट आये। सीएम विष्णुदेव साय और प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा के सामने दंडकारण्य क्षेत्र के 210 माओवादी कैडर ने हिंसा का रास्ता त्यागकर मुख्यधारा में लौट आये। ‘पूना मारगेम-पुनर्वास से पुनर्जीवन’ कार्यक्रम के तहत इन्हें मुख्यधारा में शामिल कराया गया। यह देश का सबसे बड़ा माओवादी आत्मसमर्पण है। यह पहली बार है जब नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास में इतनी बड़ी संख्या में वरिष्ठ माओवादी कैडरों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है।
153 अत्याधुनिक हथियारों के साथ सरेंडर
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
153 अत्याधुनिक हथियारों के साथ सरेंडर
आत्मसमर्पण करने वालों में एक सेंट्रल कमेटी सदस्य, चार डीकेएसजेडसी सदस्य, 21 डिविजनल कमेटी सदस्य सहित अनेक वरिष्ठ माओवादी नेता शामिल हैं। इन कैडरों ने कुल 153 अत्याधुनिक हथियारों के साथ सरेंडर किया है। इन हथियारों में AK-47, SLR, INSAS रायफल और LMG शामिल हैं। यह केवल हथियारों का समर्पण नहीं, बल्कि हिंसा और भय के युग का प्रतीकात्मक अंत है। एक ऐसी घोषणा, जो बस्तर में शांति और भरोसे के युग की शुरुआत का संकेत देती है।
आत्मसमर्पण करने वालों में एक सेंट्रल कमेटी सदस्य, चार डीकेएसजेडसी सदस्य, 21 डिविजनल कमेटी सदस्य सहित अनेक वरिष्ठ माओवादी नेता शामिल हैं। इन कैडरों ने कुल 153 अत्याधुनिक हथियारों के साथ सरेंडर किया है। इन हथियारों में AK-47, SLR, INSAS रायफल और LMG शामिल हैं। यह केवल हथियारों का समर्पण नहीं, बल्कि हिंसा और भय के युग का प्रतीकात्मक अंत है। एक ऐसी घोषणा, जो बस्तर में शांति और भरोसे के युग की शुरुआत का संकेत देती है।
मुख्यधारा में लौटे प्रमुख माओवादी
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
मुख्यधारा में लौटे ये प्रमुख माओवादी
मुख्यधारा में लौटने वाले शीर्ष माओवादी कैडर नेताओं में सीसीएम रूपेश उर्फ सतीश, डीकेएसजेडसी सदस्य भास्कर उर्फ राजमन मांडवी, रनीता, राजू सलाम, धन्नू वेत्ती उर्फ संतू, आरसीएम रतन एलम सहित कई वांछित और इनामी कैडर शामिल हैं। इन सभी ने संविधान पर आस्था व्यक्त करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया। यह ऐतिहासिक आयोजन जगदलपुर पुलिस लाइन परिसर में हुआ, जहां आत्मसमर्पित कैडरों का स्वागत पारंपरिक मांझी-चालकी विधि से किया गया। उन्हें संविधान की प्रति और शांति, प्रेम एवं नए जीवन का प्रतीक लाल गुलाब भेंट कर सम्मानित किया गया।
मुख्यधारा में लौटने वाले शीर्ष माओवादी कैडर नेताओं में सीसीएम रूपेश उर्फ सतीश, डीकेएसजेडसी सदस्य भास्कर उर्फ राजमन मांडवी, रनीता, राजू सलाम, धन्नू वेत्ती उर्फ संतू, आरसीएम रतन एलम सहित कई वांछित और इनामी कैडर शामिल हैं। इन सभी ने संविधान पर आस्था व्यक्त करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया। यह ऐतिहासिक आयोजन जगदलपुर पुलिस लाइन परिसर में हुआ, जहां आत्मसमर्पित कैडरों का स्वागत पारंपरिक मांझी-चालकी विधि से किया गया। उन्हें संविधान की प्रति और शांति, प्रेम एवं नए जीवन का प्रतीक लाल गुलाब भेंट कर सम्मानित किया गया।
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कार्यक्रम को संबोधित करते छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
जीवन को नई दिशा देने का अवसर : डीजीपी अरुण देव गौतम
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम ने कहा कि “पूना मारगेम केवल नक्सलवाद से दूरी बनाने का प्रयास नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने का अवसर है। जो आज लौटे हैं, वे बस्तर में शांति, विकास और विश्वास के दूत बनेंगे।” उन्होंने आत्मसमर्पित कैडरों से समाज निर्माण में अपनी ऊर्जा लगाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम ने कहा कि “पूना मारगेम केवल नक्सलवाद से दूरी बनाने का प्रयास नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने का अवसर है। जो आज लौटे हैं, वे बस्तर में शांति, विकास और विश्वास के दूत बनेंगे।” उन्होंने आत्मसमर्पित कैडरों से समाज निर्माण में अपनी ऊर्जा लगाने का आह्वान किया।
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कार्यक्रम को संबोधित करते छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग ने आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास सहायता राशि, आवास और आजीविका योजनाओं की जानकारी दी गई। राज्य शासन इन युवाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास और शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जी सकें। इन नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि, मकान, जमीन, रोजगार दिये जायेंगे। ताकि वो सुखमय जीनव जी सके। साथ ही हत्या के आरोपी नक्सलियों के ऊपर जो भी संवैधानिक नियम होंगे, उसके मुताबिक कदम उठाये जाएंगे।