देश के लिए मेडल जीतना चाहता हूं...बस मुझे एक साइकिल दे दो। दोनों हाथ नहीं हैं, बावजूद इसके जज्बा इतना गजब का कि सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा।
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दिव्यांग साइकिलिस्ट जगविंद्र सिंह
यह खिलाड़ी हैं पंजाब के पटियाला जिले में पड़ने वाले पताड़ां निवासी साइकिलिस्ट जगविंदर सिंह। दोनों हाथों से दिव्यांग हैं, फिर भी साइकिलिंग करते हैं। नेशनल और स्टेट लेवल पर 15 मेडल जीत चुके हैं। यंग अचीवर अवार्ड हासिल कर देश के टॉप 30 शख्सियत में शुमार हैं, लेकिन सरकार की बेरुखी से बेजार हैं। पैरा ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेकर देश के लिए मेडल जीतने का सपना देखने वाला यह खिलाड़ी पिछले आठ सालों से एक अदद प्रोफेशनल साइकिल के लिए दर-दर भटक रहा है।
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दिव्यांग साइकिलिस्ट जगविंद्र सिंह
आर्थिक तंगी के कारण जगविंदर सिंह प्रोफेशनल साइकिल खरीदने में असमर्थ हैं। उन्हें मलाल है कि रकार ने उन्हें अवार्ड तो दे दिया मगर एक साइकिल नहीं दी। पूर्व मुख्यमंत्री से वह साइकिल मांगने के लिए छह बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आश्वासन के सिवाय अब तक उनको कुछ भी हासिल नहीं हुआ। अमर उजाला से सोमवार को खास बातचीत में खिलाड़ी जगविंदर सिंह ने अपना दर्द साझा किया।
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दिव्यांग साइकिलिस्ट जगविंद्र सिंह
उन्होंने कहा कि भले ही सरकार ने मदद नहीं की, लेकिन उनका हौसला कम नहीं हुआ है। जगविंदर सिंह हर रोज सुबह अपने कमरे में लगे 15 मेडल वाले पोस्टर को देखकर उठते हैं और रोजाना घंटों साइकिलिंग करते हैं। उनका सपना एक दिन पैरा ओलंपिक में हिस्सा लेकर देश के लिए मेडल जीतना है। उन्होंने बताया कि उनकी अचीवमेंट को देखते हुए 11 फरवरी को मुंबई में उन्हें बेस्ट अचीवर अवार्ड से नवाजा जाएगा।
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दिव्यांग साइकिलिस्ट जगविंद्र सिंह
दोनों बाजू नहीं फिर भी साइकिलिंग, पेंटिंग और एथलेटिक्स के सिकंदर
बचपन से ही दोनों हाथों से दिव्यांग होने की वजह से जगविंदर सिंह का जीवन चुनौतियों से भरा रहा। हालांकि अपनी दिव्यांगता को उन्होंने कभी अपनी कमजोरी नहीं बनाया। छह साल की उम्र में उन्होंने पिता को देखकर ड्राइंग करनी सीखी। इसके बाद कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। वह पेंटिंग में नेशनल अवार्ड प्राप्त आर्टिस्ट हैं। साइकिलिंग उन्होंने हमेशा से एक इंटरनेशनल खिलाड़ी बनने के लिए की। 212 किलोमीटर की रेस उन्होंने मात्र नौ घंटे में पूरी की थी जबकि 48 सामान्य साइकिलिस्ट ने इसे 20 घंटे में पूरा किया था। इसके अलावा उन्होंने 300 किलोमीटर, 212 किलोमीटर और 208 किलोमीटर रेस में भी हिस्सा लिया है।