करनाल में शादी समारोह में 'खून' की लीला कर चुकी बंदूकों वाली साध्वी अपने भड़काऊ बयानों से सोशल मीडिया में चर्चित रही हैं। देखिए, उनके 10 अनकहे राज।
2 of 9
साध्वी देवा ठाकुर का प्रोफाइल
- फोटो : फाइल फोटो
सोशल मीडिया पर जबरदस्त सक्रिय रहने वाली साध्वी देवा ठाकुर बचपन से माता बाला सुंदरी की भक्त हैं। बचपन से ही वह ज्योतिष का कार्य करती थी। करीब 15 साल पहले साध्वी ने भगवा चोला पहना और अपना डेरा स्थापित कर लिया। इसके बाद धीरे-धीरे डेरे के भक्त बढ़ने लगे। आसपास के क्षेत्र में डेरे का नाम हुआ तो बाद में अन्य राज्यों में भी साध्वी के कार्यक्रम होने लगे।
3 of 9
साध्वी देवा ठाकुर का प्रोफाइल
- फोटो : फाइल फोटो
हिंदू धर्म को लेकर प्रखर साध्वी के विवादित बयानों ने भी उसे खासी पहचान दी। इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि करीब दो साल हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद तक से उसे नवाजा गया, हालांकि बमुश्किल वह साल भर ही यहां पर रह सकी और बाद में सार्वजनिक तौर पर साध्वी ने महासभा को छोड़ दिया था।
4 of 9
साध्वी देवा ठाकुर का प्रोफाइल
- फोटो : फाइल फोटो
बता दें कि गांव ब्रास में साध्वी पढ़ी लिखी हैं और बचपन से ही उनकी रुचि ज्योतिष और आध्यात्म में रही है। माता बाला सुंदरी की भक्त के नाम से ही बचपन से पूरा गांव उसे जानता था। गांव से अपनी पढ़ाई करने के बाद साध्वी ने अपना डेरा स्थापित कर लिया और डेरे का नाम माता बाला सुंदरी डेरा रखा। इसके बाद से ही यहां पर भक्तों की संख्या बढ़ने लगी।
5 of 9
साध्वी देवा ठाकुर का प्रोफाइल
- फोटो : फाइल फोटो
करीब पांच साल पहले साध्वी ने देवा फाउंडेशन का गठन किया और खुद उसकी अध्यक्ष बन गई। उनके डेरे पर सत्ताधारी और विपक्ष के नेताओं समेत अधिकारी भी नतमस्तक होते रहे हैं। सोशल मीडिया पर इनकी सभी की तस्वीरें इस बात का बखान करती हैं कि साध्वी के पास दंडवत होने वालों की कमी नहीं थी और धीरे-धीरे वह प्रदेश के साथ-साथ देश के संतों में अपना स्थान रखने लगी थी।