राणा रणबीर की बेहतरीन एक्टिंग से जी उठे पाश
पाश की लिखी एक कविता उनके बागी जीवन को बताने के लिए काफी है। जब उनकी कविता को राणा रणबीर का शानदार अभिनय मिला तो हॉल तालियों से गूंज उठा।
राणा रणबीर की बेहतरीन एक्टिंग से जी उठे पाश
राणा रणबीर द्वारा लिखित नाटक ‘खेतां दा पुत्त’ का मंचन पंजाब कला भवन में हुआ। नाटक में राणा रणबीर ने पाश का किरदार निभाया। इस नाटक का निर्देशन रुपिंद्रजीत शर्मा ने किया।
राणा रणबीर की बेहतरीन एक्टिंग से जी उठे पाश
नाटक में क्रांतिकारी कवि पाश की जिंदगी के संघर्ष और सरकार के जुल्मों के खिलाफ उनकी नाराजगी को दिखाया गया। पाश की कविताएं और किस्से सुनाए गए।
राणा रणबीर की बेहतरीन एक्टिंग से जी उठे पाश
नाटक के हर सीन में काफी उम्दा अभिनय देखने को मिला, पाश के अंदर के गुस्से को राणा ने बेहद खूबी से दर्शाया। लाइट्स का बेहतर इस्तेमाल किया गया था जो हर दृश्य को जीवंत करने के लिए काफी था।
राणा रणबीर की बेहतरीन एक्टिंग से जी उठे पाश
नाटक देखने के लिए लोग साढ़े छह बजे से ही आने लगे और पंद्रह मिनट में हॉल पूरी तरह भर गया। नाटक के दौरान हॉल में पैर रखने को भी जगह नहीं थी। कई लोगों ने खड़े होकर ही पूरा नाटक देखा।