'बेघर' होने को लेकर सपना चौधरी खूब चर्चा में हैं। ऐसा ही एक किस्सा वो था, जिसने सपना को जहर खाने को मजबूर किया था और सपना सुर्खियों में आ गई थीं, जानिए।
2 of 9
sapna chaudhary
- फोटो : अमर उजाला
सपना चौधरी को एक कार्यक्रम में गाई एक रागनी ने विवादों में ला दिया था। 17 फरवरी 2016 को गुड़गांव के चक्करपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में सपना ने रागनी 'बिगड़ग्या' गाई थी। इस रागिनी के जरिए उन्होंने दलितों पर सवाल उठाए थे और जातिसूचक शब्द बोले थे। इस पर दलित समाज बिगड़ गया और कहा गया कि गीत के माध्यम से उन्होंने पूरी जाति को ‘बावला’ कहकर अपमानित किया है।
रागनी के बोलों पर आपत्ति जताते हुए हिसार में डोगरान मोहल्ला स्थित चौकी में बहुजन आजाद मोर्चा ने शिकायत दर्ज कराई। मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष संजय चौहान ने बताया कि सपना ने गीत के माध्यम से दलित कौम का अपमान किया है। गायिका का यह गीत यू-ट्यूब पर अपलोड भी किया गया है। चौहान ने बताया कि वे स्वयं उसी जाति से संबंध रखते हैं, जिस जाति का अपमान किया गया है।
इसके बाद सपना चौधरी के खिलाफ गुड़गांव में सेक्टर-29 के थाने में एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत सामाजिक संगठन निगाहें के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर ने की थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए सपना और उनकी मंडली के खिलाफ एससी एसटी एक्ट सहित आईपीसी की धारा 34 के तहत केस दर्ज किया गया। साथ ही जांच के लिए एसआईटी टीम का भी गठन कर दिया गया।
ये सब होने के बाद हरियाणवी म्यूजिक कम्पनी मोर म्यूजिक ने डांसर और कलाकार सपना चौधरी से नाता तोड़ लिया। मोर म्यूजिक कम्पनी के संचालक राजेश मोर ने ऐलान कर दिया कि सपना चौधरी से उनकी कम्पनी का कोई ताल्लुक नहीं है। कम्पनी ने अब मोर म्यूजिक के गानों पर सपना चौधरी के डांस करने पर भी बैन लगा दिया है।