देखिए, रशियन लेखक के नाटक में बेटियों का रोल
रशियन लेखक चिंगीज आइत्मतोव के लिखे नाटक में बेटियों ने दिल जीतने वाला अभिनय किया। आप भी देखिए तस्वीरों में।
देखिए, रशियन लेखक के नाटक में बेटियों का रोल
पंजाब कला भवन में रंधावा उत्सव के दौरान आयोजित किए गए इस नाटक का मंचन किया गया। नाटक के निर्देशक चक्रेश कुमार के कसे निर्देशन ने दर्शकों को बांधे रखा।
देखिए, रशियन लेखक के नाटक में बेटियों का रोल
नाटक की कहानी एक लड़की की। जिसके माता पिता नहीं है। उस लड़की पर जुल्म होते हैं और आखिरकार एक अध्यापक की मदद से वह शिक्षा हासिल करके डॉक्टर बन जाती है।
देखिए, रशियन लेखक के नाटक में बेटियों का रोल
एक दिन यह लड़की गांव में चीफ गेस्ट बनकर आती है। वहां वह देखती है कि जिस अध्यापक ने उसको पढ़ाया वही चिट्ठी बांट रहे हैं। उसी समय उसको ख्याल आता है कि अभी एजुकेशन की ज्यादा आवश्यकता है और वह अपनी सारी चीजों को छोड़कर गांव में सेवा में लग जाती है।
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नाटक में अपने खास इफेक्ट के लिए प्रसिद्ध चक्रेश ने नाटक में पांच लोक गीत को भी पिरोया। मसलन, अपने चाचा चाची की सेवा करते हुए जब लड़की का तिरस्कार किया जाता है। इस मौके पर उसमें रोई गई बिटिया प्यारी... गीत एकदम फिट बैठता है। ग्रामीण परिवेश को दिखाने के पंजाब कला भवन में बेहतरीन मंच सज्जा की गई। नाटक की अवधि एक घंटा दस मिनट की रही।