48 साल बाद झूमे 1971 भारत-पाक युद्ध के हीरो, कैसे चटाई थी धूल, खुद बताई पूरी कहानी
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1971 के भारत-पाक युद्ध में पाक सेना को धूल चटाने वाली भारतीय सेना के 23 पंजाब रेजीमेंट के पूर्व सैनिकों ने राज्य स्तरीय लौंगेवाला युद्ध स्मरण समारोह कैप्टन आरएस पठानिया की अध्यक्षता में आयोजित किया। समारोह में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा व हिमाचल से इस यूनिट के पूर्व सैनिकों ने काफी संख्या में हिस्सा लेते हुए भंगड़ा डाल युद्ध की याद को ताजा किया।
इसमें इसी यूनिट के मेजर जनरल राजीव नंदा बतौर मुख्य मेहमान शामिल हुए। समारोह की शुरुआत लौंगेवाला सीमा पर 1971 के भारत-पाक युद्ध की जीत के नायक रहे स्व. ब्रिगेडियर कुलदीप चांदपुरी और रेजीमेंट के शहीद सैनिकों को श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ हुई।
प्रत्यक्षदर्शी कर्नल सलारिया ने सुनाई वीरों की दास्तां
युद्ध की यादें ताजा करते हुए मेजर जनरल राजीव नंदा व उस युद्ध में बिग्रेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी जो उस वक्त मेजर थे, के साथी रहे कर्नल सागर सिंह सलारिया ने कहा कि 23 पंजाब रेजीमेंट का गौरवशाली व शौर्य भरा इतिहास है। उस युद्ध को स्मरण करते ही आज भी आंखों से शोले बरसने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि 4 दिसंबर 1971 को पाक सेना के 2 हजार सैनिक टैंकों व बख्तरबंद गाड़ियों से लौंगेवाला सीमा में घुस चुके थे। मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी जो उस मोर्चे को लीड कर रहे थे। इसमें 23 पंजाब यूनिट के 120 सैनिक थे। पाक सेना की संख्या ज्यादा होने के कारण कमांडर का संदेश आया कि कंपनी को पीछे हटाकर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया जाए, मगर मेजर चांदपुरी ने पीछे हटने से मना करते हुए कमांडर को कहा कि उसका एक-एक जवान आखिरी गोली व अंतिम सांस तक पाक सेना का मुकाबला करेगा और उनकी पूरी टीम 2 हजार पाक सैनिकों का पूरी रात मुकाबला करती रही।
सुबह होने तक दुश्मन के 38 पैटन टैंक और कई बख्तरबंद गाड़ियों को ध्वस्त कर दिया। इस तरह एक छोटी सी सैन्य टुकड़ी ने भारत-पाक युद्ध की जीत की नींव रखी। 1971 का युद्ध जीतने की खुशी में पाक सेना के काबू किए टैंक पर मेजर कुलदीप चांदपुरी अपने साथियों सहित चढ़कर नाचे और वही तस्वीर एक यादगार बन गई।
आज 48 वर्षों बाद उस टैंक पर मेजर चांदपुरी के साथ नाचने वाले 23 पंजाब रेजीमेंट के पूर्व सैनिक नायक उज्जवल सिंह, हवलदार गुरमीत सिंह, नायक मलूक सिंह, नायक मेजर सिंह लौंगेवाला युद्ध स्मरण समारोह में झूमकर नाचे तथा वर्षों बाद मिले अपने साथियों के साथ युद्ध के अनुभव साझे किए। सभी पूर्व सैनिकों ने भारत माता की जय, देश के शहीद अमर रहे का जयघोष करते हुए धरती मां को नमन किया।
23 पंजाब रेजीमेंट पर बनी है बार्डर फिल्म: कुंवर विक्की
शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा के सचिव कुंवर रविंद्र सिंह विक्की ने कहा कि पूरा देश दिसंबर में भारत-पाक युद्ध की जीत का जश्न विजय दिवस के रूप में मनाता है। उस युद्ध में 23 पंजाब रेजीमेंट के 120 जवानों ने 2 हजार पाक सैनिकों को धूल चटाते हुए बहादुरी का जो इतिहास रचा था, उसकी मिसाल कहीं नहीं मिलती।
इस यूनिट के शौर्य को लेकर 1997 में फिल्म निर्देशक जेपी दत्ता ने बार्डर फिल्म बनाई थी। जिसमें मेजर कुलदीप चांदपुरी का रोल अभिनेता व सांसद सनी देओल ने निभाया था। आज भी देश 23 पंजाब रेजीमेंट के उन जांबाजों की शूरवीरता को याद करता है। समारोह में मुख्यातिथि मेजर जनरल राजीव नंदा व बिग्रेडियर एके खोसला ने 23 पंजाब रेजीमेंट के शौर्य चक्र विजेता शहीद लेफ्टीनेंट गुरदीप सलारिया की माता तृप्ता सलारिया व पिता रिटा. कर्नल सागर सिंह सलारिया को दोशाला ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट करके सम्मानित किया। इस दौरान रिटायर्ड बिग्रेडियर एके खोसला, कर्नल हरचरण सिंह, कर्नल राजेश दत्ता, मेजर आरके शर्मा, कैप्टन जेएस गुलिया, सूबेदार चमकौर सिंह शेरगिल, कैप्टन ब्रह्मजीत सिंह ने विशेष मेहमान के तौर पर शिरकत की।