गिरफ्त में आते ही पुलिस ने हनीप्रीत से सवाल पूछने शुरू कर दिए, वहीं हनीप्रीत ने भी सरकार और मीडिया पर पलटवार करते हुए कई सवाल उठा दिए। जानिए क्या बोली...
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हनीप्रीत से सवाल करती पुलिस
पुलिस ने हनीप्रीत को नहीं बख्शा तो हनीप्रीत ने भी अपने साक्षात्कार में सरकार को लपेट लिया। हनीप्रीत ने उन पर देशद्रोह और हिंसा भड़काने में शामिल होने का केस दर्ज करने पर सवाल उठाए हैं। हनीप्रीत ने कहा कि सिरसा से पंचकूला की विशेष अदालत तक वह पुलिस की मर्जी से ही पापा के साथ आईं। कोर्ट की अनुमति से ही उन्हें काली सरकारी गाड़ी में पंचकूला से चॉपर तक ले जाया गया और फिर वहां से रोहतक की सुनारिया जेल।
हनीप्रीत ने कहा कि पापा की सुरक्षा के चलते ही उनके लिए कड़े बंदोबस्त किए थे। तो बताइए कि इतनी सुरक्षा के बीच बिना अनुमति के वह कैसे जा सकती थीं, परमिशन थी तभी तो गई। हनीप्रीत ने कहा कि जब मैं यहां से रोहतक उनके साथ पहुंच गई तो मुझे कहा गया कि आप गलत आ गईं। मैंने उस पर कहा कि मैं अपनी मर्जी से नहीं आई, मुझे कोर्ट की मंजूरी के बाद भेजा गया है।
हनीप्रीत ने कहा कि उस दिन के सारे वीडियो क्लिप, सीसीटीवी फुटेज आपके पास हैं, उन्हें देखें, कहां गलत किया। कहीं सुना है या देखा है कि कोई गलत बात कही। हम तो कोर्ट खुशी-खुशी आए थे। वहां फैसला उलट आ गया, इसके बाद दिमाग ही काम नहीं किया। हनीप्रीत ने कहा कि राम रहीम के अच्छे कामों को तो दिखाया ही नहीं जा रहा। दो लड़कियों के पत्र पर इतनी बड़ी सजा सुना दी गई।
हनीप्रीत ने कहा कि वह लड़कियां आज तक सामने नहीं आईं। बाबा ने इतनी लड़कियों के घर बसाए हैं, उनकी बात कोई नहीं सुनता कि मेरे पापा ऐसा कर ही नहीं सकते। मेरा और डेरामुखी का रिश्ता बाप-बेटी का रिश्ता था, जिसे तार-तार कर दिया गया। उनके बारे में भ्रांतियां फैलाई गईं। यह कहां तक सही है। हनीप्रीत ने कहा कि मैंने पिता के साथ डेरे से पंचकूला और यहां से रोहतक जाकर अपने बेटी होने का कर्ज अदा किया है।