दोपहर 3 बजे गिरफ्तार करने के बाद
हनीप्रीत को पुलिस रात के 3 बजे कहीं लेकर गई थी। आखिर क्यों और कहां ले गई थी, जानिए सवाल का जवाब।
3 अक्तूबर दिन मंगलवार की दोपहर को जीरकपुर पटियाला रोड से हनीप्रीत को दबोचा गया। फिर पंचकूला पुलिस उसे चंडीमंदिर थाने ले गई। वहीं देर रात 3 बजे तक उससे पूछताछ होती रही। एसआईटी, पुलिस आयुक्त पंचकूला एएस चावला, आईजी ममता सिंह सहित अनेक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने चंडीमंदिर थाने में हनीप्रीत से पूछताछ की। पुलिस के पास कई सवालों की लंबी लिस्ट है।
पूछताछ के दौरान हनीप्रीत काफी बेचैन नजर आई। फिर पुलिस उसी समय हनीप्रीत और उस महिला को मेडिकल के लिए अस्पताल ले गई। दोनों का मेडिकल सेक्टर 6 स्थित जनरल हॉस्पिटल में कराया गया। कहा जा रहा है कि पुलिस ने मीडिया से बचाने के लिए हनीप्रीत का मेडिकल कराया है। इस दौरान हनीप्रीत चेहरा ढककर तेज कदमों से भागती नजर आई और वह एक ही रट लगाए रही कि मैं बेकसूर हूं।
मेडिकल कराने के बाद हनीप्रीत सोने चली गई, लेकिन हवालात में उसे नींद नहीं आई। वह रोती रही, करवटें बदलती रही, कभी दीवार को एकटक निहारती रही। उसकी पूरी रात बेचैनी में रोते हुए कटी। हनीप्रीत ने खाना भी नहीं खाया। बीच बीच में उसने साथी महिला से बातचीत भी की। हां, दिन भर में हनीप्रीत ने चाय जरूर पी। गिरफ्तारी के बाद थाने लाते ही पूछताछ शुरू हो गई थी।
मंगलवार सुबह एक न्यूज चैनल पर हनीप्रीत के इंटरव्यू ने हड़कंप मचा दिया था। उसके बाद शुरू हुई हनीप्रीत के सरेंडर करने की बात। इस जानकारी ने पुलिस विभाग में सनसनी तो फैला ही दी थी, फिर शुरू हुई उसे दबोचने की तैयारी। पुलिस ने हनीप्रीत की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट घोषित कर जगह-जगह नाके लगाकर वाहनों की सघन तलाशी शुरू कर दी गई।