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राम रहीम केस में सामने आए 6 ऐसे नए सच, जानकर पुलिस भी सकते में
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
Updated Fri, 20 Oct 2017 09:15 AM IST
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राम रहीम के साथ हनीप्रीत (फाइल फोटो)
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साध्वी रेप केस में जेल में कैद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के मामले में अब कई नए सच खुलकर सामने आए हैं, जिन्हें जानकर पुलिस भी सकते में है।
राम रहीम
- फोटो : SELF
दरअसल, राम रहीम को जेल से भगाने की साजिश और पंचकूला में हिंसा दोनों मामलों की जांच जोरो-शोरों से चल रही है। मामले पंचकूला की एसआईटी ने यूटी पुलिस के हेड कांस्टेबल लालचंद को गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप है कि आला अधिकारियों को जानकारी दिए बगैर ही डेरा प्रमुख के सुरक्षा काफिले में ड्यूटी देने के लिए शामिल हो गया। बताया जा रहा है कि वह डेरे से जुड़ा रहा है और दंगे के दिन आरोपी ने पंचकूला की तमाम गतिविधियों की जानकारी डेरे तक पहुंचाई।
राम रहीम
डेरा प्रमुख को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के लिए लाल चंद 25 अगस्त को डेरा प्रमुख के काफिले के साथ पंचकूला आया था। अदालत ने जैसे ही डेरा प्रमुख को दोषी करार दिया, उसे फरार कराने की कोशिश हुई, जिसमें लाल चंद की भूमिका अहम मानी जा रही है। जांच में यह बात सामने आई कि चंडीगढ़ में ड्यूटी पर होने के बावजूद लाल चंद ने अधिकारियों के आदेशों की परवाह किए बगैर, बिना जानकारी दिए काफिले में पहुंच गया।
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Ram rahim
लालचंद के खिलाफ एसआईटी को पुख्ता सुबूत मिले हैं, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है। जांच में पता चला है कि राम रहीम को सजा सुनाए जाने से पहले ही हेड कांस्टेबल लालचंद ने तमाम तैयारियां पूरी कर ली थीं। लालचंद ने इसका पूरा बंदोबस्त कर रखा था कि हिंसा के दौरान बाबा को फरार कराकर हिमाचल प्रदेश ले जाया जाएगा। इसीलिए वह बाबा के परिजनों को लेकर टिंबर ट्रेल भी गया था।
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हनीप्रीत के साथ राम रहीम
पुलिस को मिली एक वीडियो क्लिप में यूटी पुलिस की इंटेलिजेंस विंग में हेड कांस्टेबल साफ तौर पर उनकी गाड़ी से उतरता दिख रहा है। हिंसा से करीब एक सप्ताह पहले भी हेड कांस्टेबल सिरसा के डेरे में रुका था। लालचंद को पता था कि इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी, ऐसे में डेरा प्रमुख को फरार कराने की साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए उसने वॉकी टॉकी का इस्तेमाल किया। इसके जरिये ही वह डेरे के पदाधिकारियों और सिक्योरिटी में तैनात कमांडो के भी संपर्क में रहा।