हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन शुरू हुए 5 दिन हो गए हैं। धरनास्थल पर हजारों की संख्या में लोग जुटे हुए हैं, लेकिन देखिए वहां पर ये क्या हो रहा है?
वीरवार को धरने के पांचवे दिन जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर जींद की जाट धर्मशाला में टकराव हो गया। पत्रकार वार्ता करने पहुंचे सूबे सिंह समैण का जाट नेताओं ने जमकर विरोध किया। इस दौरान जाटों ने कौम के गद्दार होने के नारे लगाए। सुबे सिंह समैण के समर्थकों ने भी दूसरे पक्ष के खिलाफ यशपाल मलिक के गुर्गे होने के नारे लगाए।
इससे पहले बुधवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक जसिया पहुंचे, जिन्होंने सरकार के तरफ से राष्ट्र सुरक्षा कानून लगाए जाने पर आपत्ति जताई और सरकार को मांगें न माने जाने की स्थिति में प्रदेश में धरनों की संख्या बढ़ने की चेतावनी दी। मलिक ने कहा कि धरनास्थलों पर संख्या बढ़ाओ, रागिनी सुनो, हलवा खाओ और रात को भी यहीं पर सो जाओ, ताकि सुरक्षाबलों को तीन शिफ्ट में ड्यूटी करनी पड़े।
यशपाल मलिक ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि यदि जाट समाज की मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेश भर में 300 जगह धरने शुरू कर दिये जाएंगे। सभी धरनों का केंद्र जसिया को बनाया जाएगा। मलिक बुधवार को रोहतक-पानीपत राजमार्ग के किनारे जसिया में चल रहे धरना स्थल पर पहुंचे थे। मलिक ने धरना स्थल से 36 बिरादरी की एकता का भी संदेश दिया। अब यशपाल मलिक 4 फरवरी को इक्कस गांव में धरना स्थल पर पहुंचेंगे।
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तीसरे दिन भी धरने पर डटे रहे जाट
- फोटो : अमर उजाला
जसिया में जाट समाज के धरने पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए यशपाल मलिक ने कहा कि प्रदेश सरकार शांतिपूर्ण धरने पर बैठे समाज के लोगों को बार-बार धमकियां देकर डराने और भड़काने का काम कर रही है। यदि सरकार ने अपनी नीति नहीं बदली तो प्रदेश के सभी गांवों की सड़कों पर धरना शुरू कर दिया जाएगा। फिर सरकार कहां-कहां फोर्स तैनात करेगी? उन्होंने कहा कि यह अन्याय के विरुद्ध न्याय का युद्ध है।