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तस्वीरें: ये हैं विवादों वाली 'राधे मां', अमृतसर पहुंचने पर फूलों की वर्षा

Mon, 03 Apr 2017 09:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब) Updated Mon, 03 Apr 2017 09:18 AM IST
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radhe maa at amritsar, know all her controvertional statements
राधे मां पहुंची अमृतसर - फोटो : अमर उजाला
मारपीट, दहेज के आरोपों और अपने पहरावों को लेकर सुर्खियों में रहना ‘राधे मां’ के लिए कोई नई बात नहीं है। 
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राधे मां पहुंची अमृतसर - फोटो : अमर उजाला
करीब पांच साल पहले महामंडलेश्वर की पदवी को लेकर सुर्खियों में रही राधे मां का नाम कई बार विवादों में आ चुका है। राधे मां अपने सत्संग के दौरान खुद को देवी दुर्गा की एक अवतार के तौर पर चित्रित करने के लिए वैसा ही वेश बनाती थी। इस पर विरोध के स्वर तेज होने लगे। 2003-04 में फगवाड़ा में एक हिंदू संगठन ने देवी दुर्गा की अवतार के रूप में राधे मां के चित्रण पर आपत्ति जताई और आंदोलन छेड़ा तो राधे मां को पर माफी मांगनी पड़ी थी।
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राधे मां पहुंची अमृतसर - फोटो : अमर उजाला
दो अगस्त, 2012 को जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधशानंद गिरी जी ने गुरु पूर्णिमा पर अनुष्ठानों के बीच राधे मां को महामंडलेश्वर की पदवी दी। इस अलंकरण समारोह को गुप्त रखा गया था और अखाड़े के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, महामंडलेश्वर पदवी मिलने के अगले ही दिन राधे मां मुंबई चली गई थीं। इसके बाद उन्हें पदवी दिए जाने पर कई सवाल उठे।
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राधे मां पहुंची अमृतसर
जांच के लिए राधे मां के आध्यात्मिक गुरु स्वामी पंचनद के नेतृत्व में एक 11 सदस्यीय जांच समिति बनी। समिति ने राधे मां के जीवन से जुड़े विभिन्न स्थानों पर जाकर जांच की। इसके बाद उन्हें महामंडलेश्वर की पदवी से निलंबित कर दिया गया था। द्वारिकापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद  सरस्वती ने राधे मां को नासिक कुंभ मेले में औपचारिक ‘शाही स्नान’ में हिस्सा लेने से रोका।
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राधे मां पहुंची अमृतसर
राधे मां उर्फ गुड़िया उर्फ सुखविंदर कौर का जन्म 1964 में गांव दोरांगला (गुरदासपुर) में हुआ था। जब सुखविंदर कौर 17 साल की थी तो उनका विवाह करम सिंह हलवाई के बेटे मोहन सिंह के साथ हो गया। मोहन सिंह ने कुछ समय मिठाई की दुकान की और फिर दोहा कतर चला गया। पति का विदेश जाना सुखविंदर कौर के जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ था।
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