इंसाफ मांग रहे थे, लेकिन बदले में लाठियां और डंडे खाने को मिले। जिस वजह से कईयों के सिर फूटे और खून बहा, तस्वीरों में देखिए क्या था मामला।
दरअसल, पंचकूला-चंडीगढ़ बॉर्डर पर करीब एक घंटे तक पुलिस और एक्सटेंशन लेक्चरर्स के बीच टकराव जारी रहा। रविवार को जैसे ही एक्सटेंशन लेक्चरर्स अपनी मांग को लेकर सीएम आवास घेराव के लिए कूच करने लगे तभी पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। लेकिन, जब एक्सटेंशन लेक्चरर नहीं माने तो पुलिस ने वॉटर कैनन का प्रयोग किया। इस दौरान करीब आठ एक्सटेंशन लेक्चरर गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रदेश की मनोहर लाल सरकार के खिलाफ रविवार को करीब 500 से ज्यादा लेक्चरारों ने शिक्षा सदन से लेकर पंचकूला और चंडीगढ़ बार्डर तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान लेक्चरारों ने सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हाउसिंग बोर्ड के पास जैसे ही राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत एक्सटेंशन लेक्चरार सीएम आवास के घेराव को निकलें, तभी पुलिस ने वाटर कैनन चला दिया।
आंख और कान में ज्यादा चोट लगने के कारण मौके पर ही गुरुग्राम निवासी कमलेश और जींद के वीरेंद्र बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल उपचार के लिए पंचकूला जनरल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां से कमलेश को आंख में ज्यादा चोट के कारण चंडीगढ़ जीएमसीएच रेफर कर दिया गया। वहीं, एक्टेंशन लेक्चरार वेलफेयर एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट संदीप को वॉटर कैनन के प्रेशर से सीने में चोट लगने से मौके पर ही उल्टियां लगने लगीं।
नारनौल के प्रदीप कुमार के सीने पर भी पानी का प्रेशर लगने से सांस लेने में तकलीफ होने लगी, जिन्हें सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी मिल गई। एक्सटेंशन लेक्चरार सरोज ने बताया कि उनकी एक आंख से अभी बिल्कुल दिखाई नहीं दे रहा है। वहीं, जींद की पुष्पा के पैर में चोट आई है। जबकि नारनौल कॉलेज के हरीश के कान और आंख में काफी दर्द है। जो पंचकूला के जनरल अस्पताल में उपचाराधीन हैं।