मैं प्रधानमंत्री! बेटियां बचाने की भीख मांगने आया हूं
देश में बेटियों की कम होती संख्या पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पानीपत से बेटियों को बचाने की भावनात्मक अपील करके लोगों को झकझोर दिया। उन्होंने देशवासियों से कहा कि ‘मैं प्रधानमंत्री! बेटियों की जिदंगी की भीख मांग रहा हूं। बेटियों को परिवार का गौरव मानें, उन्हें राष्ट्र का सम्मान मानें।’
मैं प्रधानमंत्री! बेटियां बचाने की भीख मांगने आया हूं
करीब 37 मिनट के उद्बोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बेटियों के प्रति सामाजिक सोच पर जहां गहरी चिंता जताई वहीं, कन्या भ्रूण हत्या करके पैसा कमाने वाले चिकित्सकों को भी आइना दिखाया। मोदी ने चिकित्सकों से कहा कि जिदंगी बचाने के लिए आपको पढ़ाया गया है ना कि कोख में बच्चियों को मारने के लिए।
मैं प्रधानमंत्री! बेटियां बचाने की भीख मांगने आया हूं
मोदी ने कहा कि बेटियों के मामले में 21वीं सदी में भी हमारी सोच 18वीं सदी की है। हम अपनी बेटियों को तो पढ़ाना नहीं चाहते और बहू पढ़ी लिखी चाहते हैं। उन्होंने लोगों से सवालिया लहजे में पूछा कि यदि बेटी नहीं बचाओगे तो बहू कहां से लाओगे।
मैं प्रधानमंत्री! बेटियां बचाने की भीख मांगने आया हूं
इससे पहले कड़ाके की सर्दी और फुहारों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम का आगाज करके एक नए अध्याय का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मानसिकता में बदलाव लाकर बेटियों को बचाया जा सकता है। पिछले पचास वर्ष से हो रहे इस पाप को मिटाने के लिए सबको जागरूक होना पड़ेगा।
मैं प्रधानमंत्री! बेटियां बचाने की भीख मांगने आया हूं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटियों को बचाने के लिए अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एक गांव जयापुर का उदाहरण रखा। उन्होंने कहा कि जयापुर ने मुझे गोद लिया है और मैंने जयापुर वालों से अपील की थी कि बेटी पैदा होने पर जश्न मनाएं और उसी के नाम पर गांव में पांच पौधे भी लगाएं।