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हर तरह का सिरदर्द माइग्रेन ही होता है, बिल्कुल इग्नोर न करें और ये उपाय अपनाएं, फायदा ही होगा
Tue, 16 Apr 2019 02:58 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 16 Apr 2019 02:58 PM IST
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क्या आप जानते हैं कि हर तरह का सिरदर्द माइग्रेन ही होता है और इसे इग्नोर किया गया तो खतरनाक साबित हो सकता है। जानिए इससे बचाव के उपाय, तो बड़े काम आएंगे।
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पीजीआई में न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी प्रोफेसर विवेक लाल ने बताया कि माइग्रेन के बारे में लोग ज्यादा नहीं जानते। कई मरीज आधे सिर में दर्द की बीमारी लेकर आते हैं। वे समझते हैं कि दर्द की कोई और वजह है, जबकि हर सिरदर्द माइग्रेन है। कई बार तो इतना दर्द होता है कि जैसे सिर पर हथौड़े पड़ रहे हों। यह दर्द इतना तेज होता है कि कुछ वक्त के लिए मरीज ढंग से कामकाज भी नहीं कर पाता।
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माइग्रेन की प्रमुख वजह सोने का तय वक्त न होना, व्रत रखना, तनाव, हार्मोन में बदलाव व तेज आवाज भी हो सकता है। गर्मियों में माइग्रेन ज्यादा होता है और इसकी मुख्य वजह सिर पर सीधे धूप का पड़ना और नमी है। अप्रैल शुरू होते ही माइग्रेन के मरीजों में बढ़ोतरी होती है, जो सितंबर तक जारी रहते हैं। माइग्रेन पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा होती है। यह बच्चों में भी काफी होता है।
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ऐसे बचें माइग्रेन से
एसी से एकदम गर्मी में न निकलें या फिर गर्मी से आकर बहुत ठंडा पानी न पिएं। सूरज की सीधी रोशनी से बचें। अगर आप बाहर निकल रहे हैं तो छाता लेकर और सन ग्लासेज पहनकर निकलें। गर्मी के मौसम में कम-से-कम ट्रेवलिंग करें। गर्मी और उमस से बचने के लिए ठंडी जगह (एसी) में रहें। दिन में 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं, वरना डिहाइड्रेशन हो सकता है। डिहाइड्रेशन माइग्रेन का प्रमुख सामान्य कारक होता है। शरीर में पानी रहेगा तो माइग्रेन के चांस कम होंगे।
एसी से एकदम गर्मी में न निकलें या फिर गर्मी से आकर बहुत ठंडा पानी न पिएं। सूरज की सीधी रोशनी से बचें। अगर आप बाहर निकल रहे हैं तो छाता लेकर और सन ग्लासेज पहनकर निकलें। गर्मी के मौसम में कम-से-कम ट्रेवलिंग करें। गर्मी और उमस से बचने के लिए ठंडी जगह (एसी) में रहें। दिन में 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं, वरना डिहाइड्रेशन हो सकता है। डिहाइड्रेशन माइग्रेन का प्रमुख सामान्य कारक होता है। शरीर में पानी रहेगा तो माइग्रेन के चांस कम होंगे।
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बरसात के मौसम में जब उमस बहुत ज्यादा होती है, हमें वैसी चीजों को खाने-पीने से बचना चाहिए, जिससे पसीना ज्यादा निकलता है, जैसे कि चाय-कॉफी। मिर्च न खाएं और मसालेदार खाने से बचें। सुबह सूरज निकलने से पहले वॉक पर जाएं। नंगे पांव घास पर चलें। इससे तनाव कम होता है। तनाव कम होता है तो हॉर्मोंस भी बैलेंस हो जाते हैं। इन सब वजहों से माइग्रेन कम हो जाता है। रोजाना 30 मिनट योगासन और प्राणायाम जरूर करें। मेटिडेशन भी कारगर है, चाहे रोज 10 मिनट ही करें।