जीएसटी के ऑनलाइन पंजीकरण कराने में लोगों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। जानिए इसके लिए क्या-क्या दस्तावेज होने जरूरी हैं?
गुड्स एवं सर्विस टैक्स (जीएसटी) के तहत बड़े और छोटे व्यापारियों का ऑनलाइन पंजीकरण करके उनकी कुंडली तैयार की जा रही है। लेकिन यह प्रक्रिया खामियों से भरी है। इस कारण पंजीकरण कराने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। कारोबारियों को अभी तक प्रोविजनल यूजर आईडी और पासवर्ड तक नहीं मिले हैं। इसी सब को देखते हुए विभाग ने पंजीकरण की तिथि 31 जनवरी तक बढ़ा दी है।
पंजीकरण के लिए ये दस्तावेज चाहिएं: राज्य या केंद्र सरकार का पहचान पत्र, ई-मेल एड्रेस, मोबाइल नंबर, बैंक एकाउंट नंबर, बैंक आईएफएससी नंबर, पासबुक की कॉपी, अकाउंट होल्डर का नाम, बैंक का स्टेटमेंट, मालिक, प्रमोटर या पार्टनर का फोटोग्राफ, फर्म की ओर से अथराइज्ड सिग्नेचर की कॉपी, व्यवसाय होने का प्रमाण, पार्टनरशिप फर्म की स्थिति में- पार्टनरशिप डीड की कॉपी, अन्य की स्थिति में - व्यापार पंजीकरण प्रमाण पत्र
वहीं, पंजीकरण कराने वाले अधिकतर लोगों का कहना है कि जीएसटी में आने की माइग्रेशन फीस से परेशान हो रही है। कारोबारी अपना करंट डाटा भी अपडेट नहीं कर पा रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक व कंफेक्शनरी आदि में विभिन्न आइटमों से जुड़े सवाल होने के चलते भी रजिस्ट्रेशन में दिक्कतें आ रही हैं। पिछले कुछ दिनों से वेबसाइट भी काफी धीमी चल रही है। इसके चलते व्यापारियों, वकीलों और सीए को रजिस्ट्रेशन करने में परेशानी आ रही है।
जीएसटी में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करते समय बिजनेसमैन के डिजिटल हस्ताक्षर की जरूरत होती है। इसकी फीस तय नहीं है। रोहतक में 1100 से 1500 तो दिल्ली और गुरुग्राम में 5000 से 11 हजार रुपये फीस ली जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक पर क्लिक करते हैं तो पंखा, टीवी, रेफ्रिजरेटर आदि चीजों पर अलग-अलग क्लिक करना पड़ता है और उसकी सीमा पांच से ज्यादा नहीं है। इसलिए इलेक्ट्रॉनिक का व्यापार कर रहे बिजनेसमैन को काफी परेशानी आ रही है।