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...जब इमरजेंसी के विरोध में छोड़ दी थी कांग्रेस, कुछ ऐसी थीं 'राजमाता'

Tue, 25 Jul 2017 03:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 25 Jul 2017 03:26 PM IST
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Patiala’s last queen Mohinder Kaur, passes away
Rajmata Mohinder Kaur - फोटो : File Photo
राजमाता मोहिंदर कौर के निधन के साथ पटियाला राजघराने के एक युग का अवसान हो गया। वह राजनीति में काफी समय तक सक्रिय रहीं और सामाजिक कार्यो में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। राज परिवार को सिख धर्म से जोड़े रखने में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है।
Patiala’s last queen Mohinder Kaur, passes away
Rajmata Mohinder Kaur
राजशाही और प्रिवी पर्स खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी नहीं चाहती थीं कि राज परिवारों को राजनीति में सक्रिय किया जाए। मोहिंदर कौर के पति और महाराजा पटियाला यादविंदर सिंह चाहते थे कि वह राजनीति में सक्रिय हों, लेकिन इंदिरा गांधी उन्हें डिप्लोमेट बनाकर विदेश में ही व्यस्त रखती रहीं। 
Patiala’s last queen Mohinder Kaur, passes away
Rajmata Mohinder Kaur - फोटो : File Photo
लेकिन मोहिंदर कौर के पिता कांग्रेस के सहयोगी संगठन रियासत प्रजा मंडल से शुरू से जुड़े थे। तो उनकी वजह से आखिरकार मोहिंदर कौर ने अपने पति के स्थान पर 1964 में राजनीति में कदम रखा। वह 1964 से 1967 तक कांग्रेस सदस्य के तौर पर राज्यसभा की सदस्य रहीं। 1967 में वह चौथी लोकसभा के लिए चुनी गईं और 1971 तक उसकी सदस्य रहीं।
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Patiala’s last queen Mohinder Kaur, passes away
Rajmata Mohinder Kaur - फोटो : File Photo
उसके बाद इंदिरा गांधी ने राज परिवारों की शक्तियां खत्म कर दीं, प्रिवी पर्स भी खत्म कर दिया। इंदिरा गांधी किसी भी तरह राजपरिवारों के सदस्यों को सक्रिय राजनीति से भी दूर रखना चाहती थीं, इसलिए 1971 में मोहिंदर कौर को चुनाव के लिए नामित नहीं किया गया। वहीं, महाराजा यादविंदर सिंह को नीदरलैंड का एंबेसडर बना दिया गया और परिवार विदेश चला गया।
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Patiala’s last queen Mohinder Kaur, passes away
Rajmata Mohinder Kaur - फोटो : File Photo
1974 में हेग में उनकी मृत्यु हो गई, उनके बड़े बेटे अमरिंदर सिंह महाराजा बने और मोहिंदर कौर राजमाता बन गईं। परिवार वापस मोती बाग पैलेस पटियाला लौट आया। पति की मृत्यु के बाद मोहिंदर कौर ने गहने, सिल्क आदि पहनना छोड़ दिया, वह सिर्फ सफेद और नीले रंग के कपड़े पहनती थीं। 
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